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हालात खराब:सारण तटबंध में दरार, पानापुर के सात गांवों में बाढ़, ढाई हजार लोग प्रभावित

छपराएक महीने पहले
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  • मिट्टी भराई होने के कारण तटबंध में पड़ी है दरार, कई जगह मिट्‌टी भी धंसी

गंडक नदी के जलस्तर में बेतहाशा बढ़ोत्तरी के बाद पानापुर प्रखंड के तटीय इलाके में गुरुवार की रात बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया। तटबंध से सटे सात गांवों में पानी घुसने लगा है। जिससे करीब ढाई हजार आबादी प्रभावित हो गई है। पानापुर प्रखंड के तटीय इलाके में बसे पृथ्वीपुर, सलेमपुर, सोनबरसा, बसहियां, सारंगपुर, रामपुररुद्र और रामपुररुद्र161 के हजारों लोग बाढ़ से पीड़ित हो गए हैं। बाढ़ से घिर जाने के बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। रामपुररुद्र161 के बाढ़ पीड़ित अवधेश सिंह ने बताया कि पिछले साल 3 महीने हमलोगों को बाढ़ झेलनी पड़ी थी। इस बार लग रहा है कि 5 महीने झेलना पड़ेगा। क्योंकि इस बार 2 महीने पहले ही बाढ़ आ गई है। यहां बता दें कि बराज से घटकर 1.50 लाख पानी डिस्चार्ज हुआ है।
सरकार के स्तर से दो ही नावें चल रही
गंडक नदी के तटीय इलाके में बाढ़ आने के बाद रामपुररुद्र 161 गांव में दो सरकारी नावें चल रही है। सुरक्षा के लिहाज से एसडीआरएफ की 6 टीम बोट के साथ पहुंच गई है। एसडीआरएफ के 30 सदस्य पंचायत सरकार भवन महम्मदपुर में ठहरे हुए हैं।

वाल्मीकिनगर बराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने जाने से गंडक का जलस्तर बढ़ा

तटबंध की मरम्मत शुरू
पानापुर प्रखंड के पृथ्वीपुर ढाला के सामने सारण तटबंध में गुरुवार की रात दरार पड़ गई। लुकही माई स्थान के सामने तटबंध में दरार आने के बाद उसे रोकने के लिए तटबंध के ऊपर खूंटी ठोका गया। खूंटी में रस्सी बांधी गई। रस्सी में एक लकड़ी का टुकड़ा बांधकर तटबंध के किनारे लटकाया गया। सारण तटबंध की नई मिट्टी भराई होने के कारण जगह-जगह दरार फट गए हैं। तटबंध के नीचे की मिट्टी कहीं-कहीं धंस भी रही है। तटबंध पर मिट्टी भरने के बाद ना किनारे को मजबूत करने के लिए कुछ किया गया है और ना ऊपरी सतह को।

मंदिर में भी घुसा पानी
गंडक नदी के पानी में अधिक बढ़ोतरी होने के कारण तटीय इलाके में बसे इंसान के साथ भगवान का भी घर डूब गया है। पानापुर प्रखंड का कोंध मथुरा धाम भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। मंदिरों के भीतर बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। बाढ़ के पानी के बीच श्रद्धालुओं का पूजा-अर्चना जारी है।

परसा: आस-पास चंवर में फैल रहा है पानी
परसा और मकेर के चंवर क्षेत्र में पानी फैल रहा है। नदियों में भी पानी भरने लगा है। जिससे क्षेत्र के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। लोग अभी से तबाह है। बचाव को लेकर उपाय कर रहे है।

तरैया के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ जैसे हालात
गुरुवार की रात्री अचानक गंडक नदी के जलस्तर में हुए वृद्धि से सारण तटबंध किनारे स्थित तरैया प्रखण्ड के लगभग आधा दर्जन गांवों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गये है।तरैया के सगुनी,शामपुर,राजवाड़ा,अरदेवा, जिमदहा एवं चंचलिया दीयरा गाँव में शुक्रवार की सुबह ही पानी फैल गया।जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गयी और लोग अपने मवेशी एवं समान को लेकर ऊँचे स्थानों पर शरण लेने के लिए घर छोड़कर भागने लगे।

मशरक: तटबंध पर दबाव बढ़ने पर लोग चिंतिंत
सारण तटबंध इस बार टूटने की संभावना भी एक बार बढ़ गई है। क्षेत्र के चौक चौराहे, हाट-बाजार, चाय-पान दुकान व होटलों के अलावे ग्रामीण चौपालों में होने लगी है चर्चा कि इस बार फिर बाढ़ का पानी आ रहा है। सारण तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। यहां बता दें कि पिछले साल गोपालगंज के बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र के पकहा गांव के पास गंडक नदी का बांध टूट गया था। तेजी से बाढ का पानी बह रहा था। जो मशरक थाना क्षेत्र में पहुंचते ही मशरक प्रखंड के कुल- 11 पंचायतों में पूर्ण बाढ तथा तीन पंचायत में ऑसिक बाढ का पानी ने क्षेत्र में त्राहिमाम मचा दिया था।

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