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करवाई:डीएम ने दो चिकित्सकों के संविदा को किया समाप्त, ड्यूटी से अनुपस्थित रहना पड़ा महंगा

छपरा8 दिन पहले
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सदर अस्पताल के एपीएससी से अनुपस्थित रहना दो चिकित्सकों को महंगा पर गया है। सारण जिला अधिकारी डॉ नीलेश रामचंद्र देवरे ने दोनों चिकित्सकों के अनुबंध को समाप्त करते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। जोकि सारण जिले में पहली बार हुआ है. इससे पूर्व अबतक बात स्पष्टीकरण तक ही रह जाती थी। यह कार्रवाई कोविड काल के दौरान लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर की गई है। जिले में कोविड काल के दौरान कोविड सेंटर पर सभी चिकित्सकों की शिफ्ट के अनुरूप नियुक्ति की गई थी. जबकि जांच उपरांत अनेक चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए थे।

जिसमें सभी चिकित्सकों से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी। जिसमें दो चिकित्सकों के द्वारा स्पष्टीकरण का कोई जवाब नहीं दिए जाने के कारण उनके ऊपर यह करवाई की गई है। संविदा मुक्त किए जाने वाले चिकित्सकों में एक महिला चिकित्सक भी है।दोनों चिकित्सक की नियुक्ति अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिताबदियारा में की गई थी। लेकिन सिविल सर्जन डॉ जनार्दन प्रसाद कुमार एवं जिला अधिकारी के द्वारा निरीक्षण के उपरांत दोनों चिकित्सकों लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित पाया गया था। जिसको लेकर दोनों चिकित्सकों से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी।

लेकिन दोनों चिकित्सकों के द्वारा कोई स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया गया था। इस बात की जानकारी देते हुए जिला अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिताबदियारा के चिकित्सक डॉ राजीव कुमार एवं डॉ कविता विश्वकर्मा को जांच के दौरान अनुपस्थित पाया गया था।

लेकिन स्पष्टीकरण की मांग किए जाने के बाद भी दोनों चिकित्सकों के द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। जिससे उनकी कार्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं कर्तव्यहीनता को दर्शाता है। जिसको देखते हुए उनके संविदा को समाप्त किया गया है। बताते चलें कि डॉ राजीव शहर के भगवान बाजार थाना क्षेत्र के रामनगर छावनी निवासी प्रेमचंद यादव के पुत्र हैं। वहीं कविता विश्वकर्मा रोहतास जिला के कैथहर दिनारा निवासी स्वर्गीय गिरीश चंद्र की पुत्री है। दोनों चिकित्सक बिना किसी सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए थे और स्पष्टीकरण का भी उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया।

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