अंतिम संस्कार:पैरोल नहीं मिलने के कारण पिता नहीं दे सका मुखाग्नि, चाचा ने किया अंतिम संस्कार

भेल्दी/ मढ़ौरा12 दिन पहले
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  • घटना को लेकर गांव में हो रही है चर्चा, पुत्र को दोषी ठहरा रहे लोग

भेल्दी खरीदहा निवासी चन्देश्वर पाण्डेय की बदनसीबी रही कि जिस बेटी ने अपने पिता से अगाध प्यार जताया था उस बेटी और पत्नी के अंतिम संस्कार भी नहीं कर सके। खरीदहा में मंगलवार की रात पुत्र के कारण पिता की गिरफ्तारी के बाद आत्मग्लानि में 20 वर्षीय बेटी रुपा कुमारी और 55 वर्षीय पत्नी संजू देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों का शव पोस्टमार्टम से घर आने के बाद अंतिम संस्कार के लिए पिता की प्रतीक्षा होती रही लेकिन पिता नहीं पहुंच सके। जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा जेल भेजे जाने के बाद चन्देश्वर पाण्डेय को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कागजी प्रक्रिया पेरोल का काम समय से पूरा नहीं हो सका। अंत में चाचा ने संजू देवी और रूपा का अंतिम संस्कार किया।
छोटे-छोटे अपराध से बड़ी वारदात को अंजाम दिया सोनू
कुछ महीने पहले तक गांव का सीधा साधा दिखने वाले सोनू पाण्डेय के बिगड़े कदम से चन्देश्वर पाण्डेय का पूरा परिवार बिखड़ गया । कल तक हसता खेलता परिवार अब उजड़ चूका है। सोनू पाण्डय के बिगड़ने की कहानी भी फिल्मों जैसी रही। गांव के लोग नाम सामने नहीं लाने की शर्त पर बताते है कि सोनू को गांव की ही एक युवती से प्यार हुआ था। प्यार परवान चढ़ने पर दोनों ने लोक लाज का भय छोड़कर गांव से एक साथ फरार हो गए थे। बाद में पुलिसिया दबिश और ग्रामीणों का के पहल पर सोनू लड़की को लेकर गांव वापस आ गया था। इसको लेकर गांव में पंचायती हुई थी। पंचायत में आर्थिक दंड लगाकर मामले को दबा देने का एक प्रयास हुआ था। इसी के बाद से सोनू की जिंदगी में बदलाव आने लगा। सोनू के रास्ते बदलने लगे थे, घर की चिंता से अलग सोनू नशे की लत में आ गया। मारने पीटने और हथियार दिखाने का शौक उसे लग चूका था।

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