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ग्राउंड रिपोर्ट:ग्रामीण डॉक्टरों के भरोसे सांसद आदर्श गांव सिताबदियारा में तीन फीसदी ही टीकाकरण

छपरा/सिताबदियारा/मांझी16 दिन पहले
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आदर्श गांव बरेजा में बैठे लोग। - Dainik Bhaskar
आदर्श गांव बरेजा में बैठे लोग।
  • सिताबदियारा की आबादी 20 हजार है, यहां मोबाइल वैन से टीकाकरण हो रहा है, पर लोग नहीं आतेसांसद का आर्दश गांव का हाल - बरेजा में उपस्वास्थ्य केंद्र तक नहीं, इलाज के लिए लोग छपरा जाते हैं या फिर यूपी

कोरोना महामारी में गोद लिए गए आर्दश गांव सिताब दियारा वासी भगवान भरोसे है। उन्हें ग्रामीण चिकित्सकों के सहारे रहना पड़ा।बिहार एवं उत्तर प्रदेश की सीमा पर अवस्थित इस गांव के लोगों की दास्तां भी अजीब है।ग्रामीण अपने सुविधा से मांझी, छपरा या बैरिया तथा बलिया जाकर अपना इलाज कराने के लिए विवश होते है।

कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण में अभी भी लोगों की जागरुकता देखने को नहीं मिल रही है। इस दिशा में जनप्रतिनिधि भी कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। चिकित्सकों की ओर से यह बताया जा रहा है कि हम टीका के दम पर ही कोरोना को हरा सकते हैं लेकिन गांवों में बहुत से लोगों के मन में एक अलग डर बैठा हुआ है।

आदर्श ग्राम सिताबदियारा की बात करें तो यहां की आबादी लगभग 20 हजार है। जिसके सापेक्ष अभी तक लगभग 600 लोगों को टीका लगा है। यह स्थित अस्पताल की ओर से लोगों को टीका के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मोबाइल वैन भी शुक्रवार को आलेख टोला बाजार में पहुंची थी लेकिन लोगों में वैसा उत्साह नहीं देखा गया। सिताबदियारा के अलाव दक्षिणवारी चक्की प्रभुनाथनगर पंचायत में भी यही दशा है। यहां भी लगभग 3 हजार की आबादी है। जिसके सापेक्ष दो सौ लोगों को टीकाकरण हो पाया है।

विकास : आर्थिक विकास पर एक नजर

आदर्श ग्राम सिताबदियारा में आर्थिक विकास का एक मुख्‍य साधन खेती ही है, किंतु किसानों की अधिकांश जमीन घाघरा नदीं पहले ही निगल गई है। जिससे किसान अब यूपी में जाकर किराए पर खेत लेकर उसमें खेती करते हैं और अपनी जीविका चलाते हैं। बाद बाकी यहां कोई लघु उद्योग भी नहीं है, जिसके बदौलत सिताबदियारा के लोग कुछ व्यापारिक तरक्की कर सकें।

महाराजगंज सांसद द्वारा गोद लिए गए मांझी के बरेजा के लोगों को इलाज के लिए 9 से 25 किमी दौड़ना पड़ता है बरेजा का उपस्वास्थ्य केंद्र पर कोई सुविधा नहीं, सिर्फ चबूतरा ही है

सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के द्वारा गोद लिया गया आदर्श ग्राम बरेजा में सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र की भी सुविधा नहीं है। ग्रामीण चिकित्सकों से ही लोग अपना इलाज कराते हैं। दोपहर के करीब 1 बजे गांव में पहुंचे। बरेजा हाई स्कूल के समीप ऋकनेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में महंत हरेंद्र चौबे, विजय चौबे, अशर्फी यादव, शिवनाथ यादव, रमेश यादव, अनिल, लालबाबू साह रामाश्रय साह से मुलाकात हुई। यहां दुर्घटना के शिकार होने पर ग्रामीणों को 9 किमी दूर मांझी स्वास्थ्य केंद्र पर जाना पड़ता है या 6 किमी दूर एकमा अथवा 25 किमी दूर छपरा। पंडित गिरीश तिवारी के पौत्र प्रवीण चंद्र तिवारी ने कहा कि अफसोस की बात है कि यहां स्वास्थ्य केंद्र सहित कई सुविधाओं का अभाव है।

क्या कहते हैं चिकित्सा पदाधिकारी

वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार वैक्सीनेशन की गति बढ़ाई जा रही है। विभिन्न गांवों में कैम्प लगा कर वैक्सीन दी जा रही है। बहुत से लोगों के मन में यह भ्रम पैदा हो गया है कि वैक्सीन से नुकसान है। मगर ऐसा कुछ भी नही है।
डा.रोहित कुमार , प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, मांझी।

बरेजा में दो योजनाओं का काम हो सका

महाराजगंज संसदीय ऐच्छिक विकास कोष से बरेजा में 9 लाख से छठ घाट बना है। स्वतंत्रता सेनानी पं गिरीश तिवारी के घर के पास चार सौ फीट सड़क ढलाई का काम हुआ है।ग्रामीणों के अनुसार सांसद चाहते तो अन्य विभागों से बरेजा गांव में विकासात्मक कार्य करा सकते थे।

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