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सियासत:शालू निर्विरोध बनीं नगर पंचायत की उपमुख्य पार्षद

छपरा20 दिन पहले
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अनुपस्थित रहे पार्षद: लक्ष्मी राय, गीता देवी, बिपिन बिहारी सिंह, गोपाल राम। - Dainik Bhaskar
अनुपस्थित रहे पार्षद: लक्ष्मी राय, गीता देवी, बिपिन बिहारी सिंह, गोपाल राम।
  • 15 निर्वाचित पार्षदों में 11 पार्षद ही हुए उपस्थित, केवल एक ही नामांकन पत्र किया गया दाखिल

नगर पंचायत में उपमुख्य पार्षद के चुनाव को लेकर दैनिक भास्कर के बुधवार के अंक में जिस तरह से लोगों ने सुबह पढ़ा दोपहर बाद सदन में उसी की पुनरावृत्ति हुई । उप मुख्यपार्षद के रिक्त पद के चुनाव में वार्ड संख्या आठ की पार्षद शालू देवी निर्विरोध चुनी गई। जैसी संभावना भास्कर ने व्यक्त की थी ठीक उसी तरह 15 निर्वाचित पार्षदों में 11 पार्षद ही उपस्थित हुए। मुख्य पार्षद ललन राय की अध्यक्षता में नपं सभागार में आयोजित बैठक में केवल एक नामांकन पत्र शालू देवी द्वारा दाखिल किया गया।

जिसे निर्वाची पदाधिकारी एसडीओ मढ़ौरा बिनोद कुमार तिवारी ने निर्विरोध उप मुख्य पार्षद घोषित कर दिया। निर्वाचन के दौरान पर्यवेक्षक के रूप में एडीएम डॉ गगन कुमार रहे। वही विधि व्यावस्था को लेकर सदर डीएसपी रहमत अली, मढ़ौरा डीएसपी इन्द्रजीत बैठा, थानाध्यक्ष अरविन्द कुमाए एसआई रामविचार राम सहीत पुलिस बल मौजूद रही। निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हो जाने पर एसडीओ बिनोद कुमार तिवारी ने शालू देवी को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपने के साथ पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
उपस्थित रहे पार्षद -
रंजीत सिंह, मालती देवी, निर्मला देवी, गीता देवी, सीता देवी, शालू देवी, अमरजीत कुमार,‌ मनोज सिंह, मुख्य पार्षद ललन राय, मीरा देवी, जितेन्द्र साह।

चुनाव से पहले भास्कर की सटीक खबर की होती रही चर्चा: नपं उपमुख्य पार्षद की चुनाव का सटीक आंकलन को लेकर भास्कर की खूब चर्चा हुई । भास्कर ने बुधवार के अंक में जो लिखा सदन में सबकुछ वैसा ही घटित हुआ। भास्कर की इस खबर को अधिकारियों ने भी संज्ञान में लिया और और चुनाव के पहले ही निर्विरोध की बात सामने आने से तनावमुक्त होते रहे।

पिछली बार मिली थी मात, इसबार निर्विरोध: करीब दो साल पहले उपमुख्य पार्षद के चुनाव में भी शालू देवी ने अपनी दावेदारी पेश की थी ।जिसमें वोटों के क्रॉस होने और तकनीकि दिक्कत आने से तीन चरण तक चुनाव प्रक्रिया चली थी। बाद में निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन पर मुख्य प्रतिद्वंद्वी राखी कुमारी को उपमुख्य पार्षद घोषित कर दिया गया था। अब कोरोना महामारी में उप मुख्य पार्षद राखी कुमारी की आकस्मिक निधन से उक्त सीट खाली हो गई थी।
पार्षदों को क्षेत्र से हटाने का मिला लाभ
शालू देवी चुनाव की तिथि के सामने आने से पहले से सक्रिय हो गयी थी। वही चुनाव तिथि के एक सप्ताह पहले ही अपने पक्ष के छह पार्षद को क्षेत्र से हटाकर शालू देवी विरोधियों पर भारी पड़ गयी। यह रणनिति अंतिम समय तक प्रभावशाली साबित हुई।

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