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पर्व-त्योहार:मूर्तियां केवल मंदिरों और घरों में ही कर सकते हैं स्थापित

छपरा8 महीने पहले
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  • सार्वजनिक स्थलों पर पूजा पंडाल नहीं बनेंगे, मेले के आयोजन पर भी रोक, प्रसाद नहीं बांटा जाएगा

डीएम सुब्रत कुमार सेन और पुलिस अधीक्षक सूरत सायली सावलाराम के द्वारा संयुक्त रूप से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारियों के साथ जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष से वीडियोकाॅफ्रेंसिंग के माध्यम से दुर्गा पूजा त्योहार मानाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष कोविड संक्रमण के कारण यह त्योहार अन्य वर्षों की तुलना में बदली हुई परिस्थितियों में मनाया जायेगा। इस परिप्रेक्ष्य में सभी पदाधिकारी केन्द्र सरकार और बिहार सरकार द्वारा समय-’समय पर दिये गये निर्देशों का हर हाल में अनुपालन सिनिश्चित करेंगे ताकि कोविड के संक्रमण पर रोक लगाई जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि 17 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ ही यह त्योहार प्रारंभ हो जायेगा।

पंडाल, तोरण द्वार, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली किसी भी परिस्थिति में स्थापित नहीं की जायेगी
जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान किसी भी सार्वजनिक स्थल, क्लब, मैदान अथवा सड़क के किनारे, बाजार आदि पर प्रतिमा किसी भी स्थिति में स्थापित नहीं की जायेगी। पूजा का आयोजन सिर्फ पूर्व से स्थापित मन्दिरों या निजी रूप से अपने घर में की जा सकती है। किसी भी प्रकार के पण्डाल, तोरण द्वार, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली आदि किसी भी परिस्थिति में स्थापित नहीं की जायेगी। पूजा स्थल के आस पास किसी प्रकार के मेला का आयोजन नहीं किया जाएगा एवं पूजा स्थल के आस-पास खाद्य पदार्थ का स्टाॅल/दुकान, खिलौना आदि की दूकान नहीं लगाई जायेगी।

कोई सामुदायिक भोग का वितरण नहीं किया जायेगा। आयोजकों या पूजा समितियों द्वारा किसी रूप में आमंत्रण पत्र जारी नहीं किया जायेगा। मंदिर में पूजा पंडाल या मण्डप के उद्घाटन के लिये कोई सार्वजनिक समारोह आयोजित नहीं किया जायेगा। मंदिरों में पूजा के आयोजकों के द्वारा पर्याप्त सेनिटाइजर की व्यवस्था रखनी होगी। पूजा के आयोजकों, कार्यकर्ताओं एवं उससे संबंधित अन्य व्यक्तियों को स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।

अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र में भ्रमण कर गहन जांच करेंगे
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कई स्थानों पर ऐसे भी दृष्टान्त प्रकाश में आ रहे हैं जहां मन्दिर के सामने वाले खाली स्थान अथवा पास में किसी निजी भूमि पर प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। जिस पर समय रहते रोक लगाया जाना आवश्यक है ताकि विभागीय निर्देश का अनुपालन किया जा सके और कोविड संक्रमण के खतरे को रोका जा सके। सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र में भ्रमण कर गहन जांच कर लें और यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर प्रतिमा स्थापना का प्रयास किया जा।

विसर्जन 25 अक्टूबर को निश्चित रूप से करना होगा
जिलाधिकारी ने कहा कि दशहरा के अवसर पर किसी भी प्रकार के संस्कृतिक कार्यक्रम नहीं किया जायेगा। सभी स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन 25 अक्टूबर को निश्चित रूप से करना होगा। डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। विसर्जन जुलूस नहीं निकाला जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि रावण वध का आयोजन नहीं किया जायेगा तथा छपरा शहर में साहेबगंज बाजार और भरत मिलाप चौक पर भरत-मिलाप कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जायेगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता डाॅ गगन, उप विकास आयुक्त अमित कुमार, नगर आयुक्त संजय कुमार उपध्याय सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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