पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

आक्रोश:मूल कैडर से नियोजन में धकेलने वाले को सबक सिखाएंगे शिक्षक: डॉ. चंद्रमा

छपराएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पिछले 18 साल से शिक्षक अधिकार व मूल पहचान के िलए संघर्ष कर रहे हैं, अब शिक्षकों के मान-सम्मान व अधिकार पर हो रहा प्रहार

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधान पार्षद व एनडीए के भावी प्रत्याशी डॉक्टर चंद्रमा सिंह ने कहा है कि वे पहले भी सभी संवर्ग के शिक्षकों के हक की लड़ाई लड़े हैं और आगे भी लड़ेंगे। पिछले 18 साल से शिक्षकों के अधिकारों एवं मूल पहचान पर जिस तरह से एक-एक कर कुठाराघात किया गया है, उससे पूरा शिक्षक समुदाय इस बार परिवर्तन के मूड में है और तय है कि परिवर्तन होगा। सुनियोजित तरीके से शिक्षकों के मान-सम्मान के साथ-साथ उनके अधिकार पर प्रहार किया गया। जिसे शिक्षकों के हक की लड़ाई लड़नी थी, वह सरकार के साथ मिलकर हकमारी में शामिल हो गया।

2006 में माध्यमिक शिक्षकों को मूल कैडर से नियोजन में धकेल दिया गया, यह सबसे बड़ा अन्याय व पाप हुआ शिक्षकों के साथ। जिसको उस समय सरकार के खिलाफ सदन व सड़क पर विरोध करना था, वह उसका समर्थक बना रहा, इसको भला कोई शिक्षक कैसे भूल सकता है ? डॉक्टर सिंह मंगलवार को सारण जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव व पूर्व प्रत्याशी राजाजी राजेश के साथ संयुक्त रूप से पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 18 साल पहले अनुदानित सभी संवर्ग के शिक्षकों व कॉलेजों के टेक ओवर की मांग की जा रही थी लेकिन आज क्या स्थिति है, यह सबको पता है।

इन 18 सालों में क्या किया गया ? आज अनुदान भी कई वर्षों का लंबित है। वित्त रहित या अनुदानित कॉलेज के शिक्षकों के अस्तित्व पर ही सवाल उठाया जा रहा है। इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं ? ऐसे लोगों को शिक्षक इस बार सबक सिखाएंगे। इस बार अगर उन्हें मौका मिला तो वे सभी संवर्ग के शिक्षकों के लिए, वह सब कुछ करेंगे, जिसके लिए वे संघर्ष करते आ रहे हैं। उनका संघर्ष पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ होगा। वे घड़ियाली आंसू बहाना नहीं जानते हैं।

चंद्रमा सिंह ने साफ तौर पर कहा कि जब तक पुरानी सेवा शर्त तथा शिक्षकों का पुराना वेतनमान नहीं मिल जाता, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करनी बेमानी है। वित्त रहित शिक्षकों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा की कभी भी उनकी मांगों को लेकर ईमानदारी से प्रयास नहीं किया गया। जिसका परिणाम यह रहा कि उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। इसलिए उनकी स्पष्ट मांग है कि मदरसा के शिक्षकों के समान वित्त रहित शिक्षकों को भी वेतनमान जल्द दिया जाए।

साथ ही नियोजन रूपी कलंक भी माध्यमिक शिक्षकों के माथे से हटाया जाए। इस मौके पर मौजूद सारण जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव व पूर्व प्रत्याशी राजाजी राजेश ने डॉक्टर चंद्रमा सिंह को अपना पूर्ण और हर तरह से समर्थन देने की घोषणा की। राजाजी राजेश ने कहा कि केदार पांडे सीपीआई के प्रत्याशी हैं न कि माध्यमिक शिक्षक संघ के ? सीपीआई ने साफ तौर पर उनको अपना पहले ही प्रत्याशी घोषित किया है।

इसलिए ऐसी कोई भी और किसी को यह मजबूरी नहीं है कि वह व्यक्ति विशेष का समर्थन करे। न तो माध्यमिक शिक्षक संघ राजनीतिक दल है और न ही कोई उसका प्रत्याशी है, यह बात स्पष्ट है और यह सबको समझनी चाहिए। माध्यमिक शिक्षक संघ का हर सदस्य अपनी सूझबूझ व विवेक से अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज पिछली कुछ कमियों से सीख लेकर अपनी दिनचर्या में और बेहतर सुधार लाने की कोशिश करेंगे। जिसमें आप सफल भी होंगे। और इस तरह की कोशिश से लोगों के साथ संबंधों में आश्चर्यजनक सुधार आएगा। नेगेटिव-...

और पढ़ें