पदभार:विधिमंडल के अध्यक्ष तारकेश्वर बने तो महामंत्री अमरेंद्र सिंह

छपरा5 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
विधि मंडल के अध्यक्ष तारकेश्वर बने तो महामंत्री अमरेंद्र सिंह - Dainik Bhaskar
विधि मंडल के अध्यक्ष तारकेश्वर बने तो महामंत्री अमरेंद्र सिंह

छपरा विधि मंडल के पदाधिकारियों के हुए चुनाव के बाद शुक्रवार को मतगणना का कार्य शुरू हुआ । मतगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए स्टेट बार काउंसिल के निर्देश पर सीसीटीवी लगाया गया था। सीसीटीवी की जद में सुबह मतगणना कार्य शुरू हुआ जो शाम तक चला। मतगणना के बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व कोषाध्यक्ष पद का परिणाम पहले दिन घोषित किया गया। अध्यक्ष पद पर पहली बार तारकेश्वर प्रसाद सिंह को विजेता बनने का गौरव हासिल हुआ तो अमरेंद्र कुमार सिंह ने भी महामंत्री पद पर आसान जीत हासिल की।

मुख्य निर्वाची पदाधिकारी मनोज कुमार भारद्वाज के नेतृत्व में चले मतगणना के बाद अध्यक्ष पद पर तारकेश्वर प्रसाद सिंह को 49 मतों से विजेता घोषित किया गया। तारकेश्वर प्रसाद सिंह को 490 तो रवि रंजन प्रसाद सिंह को 441 मत मिले। अध्यक्ष पद के मतगणना में कांटे की टक्कर देखी गई, जबकि महामंत्री पद की मतगणना में शुरू से ही अमरेंद्र कुमार सिंह अपने प्रतिद्वंदी शशि भूषण त्रिपाठी से बड़े मतों के अंतर से बढ़त बनाए हुए थे।
अमरेंद्र कुमार सिंह को 682 मत मिला तो शशि भूषण को 328 मत ही मिले
मतगणना समाप्ति के बाद घोषित परिणाम में अमरेंद्र कुमार सिंह को जहां 682 मत मिला तो वही शशि भूषण त्रिपाठी को 328 मतों से ही संतोष करना पड़ा। वही कोषाध्यक्ष पद पर मनोज कुमार सिंह नंबर दो 502 मत लेकर विजेता बनने का गौरव हासिल किए। वही उनके प्रतिद्वंदी दुर्गेश प्रकाश बिहारी को 432 मत मिला। उपाध्यक्ष पद के मतगणना में तीन प्रत्याशी को विजेता घोषित किया गया।

90 प्रत्याशियों थे अध्यक्ष पद के लिए
मतदान के बाद अध्यक्ष पद पर गंगोत्री प्रसाद, तारकेश्वर प्रसाद सिंह, बजरंगबली पांडेय, मनोज कुमार नंबर तीन,रविरंजन प्रसाद सिंह, राजेश्वर सिंह, सियाराम जी प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष के तीन पदों के लिये अशोक कुमार सिंह नंबर पांच, नसीर हैदर, निर्मल कुमार, निर्मल कुमार श्रीवास्तव ,ललन कुमार सिंह, शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, सतीश चंद्र मिश्रा, सुनील कुमार, सुरेश सिंह,महामंत्री के एक पद के लिये अमरेंद्र कुमार सिंह, अशोक सिंह नंबर सात, अमितेश्वर सहाय ने भाग्य आजमाया था।

मतभेद को भुलाकर अधिवक्ता हितों के बारे में निर्णय लिया जाएगा
वहीं नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने छपरा विधि मंडल के चतुर्दिक विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाए जाने की बात कही है। पदाधिकारियों ने कहा कि मतभेद को भुलाकर अधिवक्ता हितों के बारे में निर्णय लिया जाएगा। सभी कार्य सर्वसम्मति से ही किया जाएगा। मतगणना के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्टेट बार कौंसिल को भी परिणाम से अवगत कराया ।वहीं जहां जीत के बाद विजेता प्रत्याशियों में खुशी देखी गई ,वही हारने वाले प्रत्याशी मायूस दिखे। हारने वाले प्रत्याशियों का कहना था कि लग रहा है कि उनके परिश्रम में कहीं चूक हो गई। आगे उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...