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आस्था:चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से मिलती है शांति, परेशानी होती है दूर

दरौंदा7 दिन पहले
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बगौरा गांव निवासी आचार्य विश्व नाथ पाठक ने कहा कि चैत्र मास का आरंभ हो चुका है।चैत्र मास में ही चैत्र नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।इस वर्ष पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि का पर्व 13 अप्रैल से आरंभ हो रहा है।नवरात्रि के प्रथम दिन घटस्थापना की जाती है।इसके साथ ही नवरात्रि का पर्व आरंभ हो जाता है।नवरात्रि में कलश स्थापना यानि घटस्थापना शुभ मुहूर्त में करना चाहिए।नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है।नवरात्रि में नियमों का पालन महत्वपूर्ण माना गया है।नवरात्रि में विधि पूर्वक पूजा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।चैत्र नवरात्रि में मां की पूजा करने से जीवन में आने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलती हैं। वहीं, सुख, समृद्धि और जीवन में शांति बनी रहती है।
पंचांग के अनुसार 13 अप्रैल मंगलवार को चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा की तिथि से नवरात्रि का पर्व शुभारंभ होगा।नवमी की तिथि 21 अप्रैल को पड़ेगी।वहीं, नवरात्रि व्रत पारण 22 अप्रैल दशमी की तिथि को किया जाएगा।
घटस्थापना मुहूर्त कब है?
घटस्थापना से ही नवरात्रि की पूजा का विधिवत आरंभ माना जाता है। नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है।पंचांग के अनुसार 13 अप्रैल को घटस्थापना की जाएगी। इस दिन घटस्थापना का मुहूर्त प्रात: 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। घटस्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में सात प्रकार के अनाज बोए जाते हैं। इसके उपरांत पात्र के ऊपर कलश की स्थापना करें‌। कलश में जल भरें।इसमें गंगाजल भी मिलाएं। कलश पर कलावा बांधें। कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते रख दें। फिर जटा नारियल को कलावा को बांध दें।लाल कपड़े में नारियल को लपेट कर कलश के ऊपर रखें।

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