सफलता मिली:बीपीएससी में 20वीं रैंक लाकर अमृत ने डुमरांव का बढ़ाया मान

डुमरांव19 दिन पहले
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दृढ़ निश्चय कर तैयारी करने वालों को एक ना एक दिन सफलता निश्चित मिलती है। कुछ ऐसा ही डुमरांव के लाल अमृत कुमार ने कर दिखाया है। बीपीएससी की 65 वीं परीक्षा 20 वां रैंक हासिल कर बिहार शिक्षा सेवा में चयनित होकर अमृत ने ना केवल अपने गांव सुरौंधा बल्कि डुमरांव का नाम रोशन किया है।

हाई स्कूल मुरार से प्राचार्य के पद से अवकाश प्राप्त नारायण पति तिवारी के पुत्र अमृत कुमार इस सफलता की सूचना से उनके पैतृक गांव समेत डुमरांव के चाणक्य कॉलोनी अवस्थित उनके घर पर बधाई देने वालों की तांता लग गई।बेटे की खुशखबरी सुन मां उर्मिला देवी की आंखें खुशी से भर आई।

वही चाचा अवकाश प्राप्त शिक्षक भरत प्रसाद तिवारी भी पहुंच गए और आशीर्वाद दिया।डुमराव के नेशनल एकेडमी से प्राइमरी एजुकेशन करने वाले अमृत ने राज हाई स्कूल से मैट्रिक कर इंटर की शिक्षा के लिए मारवाड़ी कॉलेज रांची में पढ़ाई की। इसके बाद इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी दिल्ली से बीटेक की डिग्री हासिल कर आईएएस की तैयारी में जुट गए।

इस दौरान एक आईएएस कोचिंग संस्थान दिल्ली में शिक्षक के रूप में कार्यरत अमृत ने बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की 64 वी परीक्षा में 92 रैंक हासिल कर सहायक निदेशक समाज कल्याण विभाग के पद पर चयनित हुए थे। हालांकि उन्होंने अभी तक योगदान नहीं किया और अपनी तैयारी में जुटे रहे।

इसके पहले इन्होंने आईएएस मेंस की परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंचे हैं। लोक प्रशासन विषय से तैयारी करने वाले अमृत का कहना है कि लक्ष्य निर्धारित कर ही चुनौतियों से लड़ने की जरूरत है तभी सफलता मुमकिन है।

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