पंचायत चुनाव की तैयारी:बदले नियम, 21 वर्ष के युवा अब आजमा सकेंगे राजनीति में अपनी किस्मत, बन सकेंगे मुखिया

डुमरांव8 महीने पहले
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  • भ्रष्टाचार के दोषी समेत 11 मामलों से जुड़े व्यक्ति नहीं लड़ सकेंगे पंचायत का चुनाव

बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथी कभी भी घोषित हो सकती है। इसके लिए सभी जिले, अनुमंडल व प्रखंड तक की तैयारी पदाधिकारियों द्वारा पुरी कर ली गई है। वहीं संभावित प्रत्याशी भी अपने पंचायत में अपने-अपने पद के लिए प्रचार में जूट गए है। वहीं चुनाव आयोग ने युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। जिसमें इस बार एक बड़ा युवा वर्ग पंचायत चुनाव में अपना भाग्य आजमा सकता है।

युवाओं को इस बार विशेष मौका मिलने वाला है। इस बार वैसे युवा मैदान में उतर सकते हैं जिनकी आयु 21 वर्ष पूरी हो गयी है। वार्ड सदस्य, सरपंच, मुखिया, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य समेत 6 श्रेणियों के पदों पर युवाओं को भी किस्मत आजमाने का मौका मिल रहा है। उन्हें सूबे की राजनीति में हिस्सेदारी के लिए अब विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तरह 25 साल की आयु पूरी होने का इंतजार नहीं करना होगा। वो 21 वर्ष की आयु पूरी करते ही राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं और नेतृत्व कर सकते हैं। इसके लिए सरकार ने अब पंचायती राज अधिनियम-2006 के तहत 21 साल आयु पूरी करने वालों को भी पंचायत चुनाव के मैदान में कूदने का प्रावधान कर दिया है।

21 साल के युवा बन सकेंगे प्रत्याशी के प्रस्तावक भी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार व उनके प्रस्तावक अगर 21 वर्ष के हैं तो वो चुनाव लड़ सकेंगे। सरकार ने अब पंचायती राज अधिनियम-2006 के तहत 21 साल आयु पूरी करने वालों को भी पंचायत चुनाव के मैदान में कूदने का प्रावधान कर दिया है। इसके साथ ही पंचायत चुनाव में वह प्रत्याशी के प्रस्तावक बन सकते है।

नामांकन के लिए चरित्र प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं

पंचायती राज्य पदाधिकारियों के अनुसार अगर आपने पंचायत चुनाव लड़ने का मन बना लिया है, तो उसे राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश जान लेना बहुत जरूरी है नहीं तो नामांकन के बाद उम्मीदवारी रद्द हो सकती है। निर्वाचन आयोग बिहार ने पंचायत चुनाव में उतरने के लिए कुछ मानक तय किए हैं। इसके मुताबिक, भ्रष्टाचार के दोषी सहित अन्य 11 मामलों से जुड़े व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। हालांकि यह साफ किया गया है कि यह भी चुनाव नामांकन लिए चरित्र प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी।

जानिए : कौन-कौन नहीं लड़ सकता पंचायत चुनाव

  • भ्रष्टाचार के दोषी नहीं लड़ सकता पंचायत चुनाव
  • यदि कोई व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं हो या चुनाव से जुड़े किसी कानून के तहत अयोग्य घोषित किया गया हो नहीं लड़ सकता चुनाव।
  • विकृत मानसिकता वाला व्यक्ति चुनाव लड़ने के योग्य नहीं होगा।
  • 21 वर्ष से कम उम्र के होने पर भी वह प्रत्याशी नहीं बन सकता है।
  • केंद्र या राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकार की नौकरी में रहने वाले भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
  • कदाचार के मामले में अगर पदमुक्त कर दिया गया हो या केंद्र/राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकार से मदद प्राप्त करने वाली किसी संस्था की सेवा में हो तो वह भी चुनाव नहीं लड़ सकेगा।
  • किसी भी कोर्ट द्वारा राजनीतिक अपराध से अलग किसी अन्य अपराध के लिए छह महीने से ज्यादा कारावास की सजा वाला व्यक्ति नहीं बन सकता प्रत्याशी।
  • पंचायत में वैतनिक या लाभ के पद पर हो तो वह भी प्रत्याशी नहीं बन सकेगा।

निम्न व्यक्ति किसी का प्रस्तावक नहीं हो सकता

  • आंगनबाड़ी सेविका, मानदेय पर कार्यरत अनुदेशक, अनुबंध पर कार्यरत पंचायत शिक्षा मित्र, न्याय मित्र, विकास मित्र व अन्य कर्मी, मानदेय पर कार्यरत दलपति
  • केंद्र या राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकार से पूर्णतः या आंशिक वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले मतदाता, कार्यरत गृहरक्षक।
  • सरकारी वकील, पीपी, सरकारी अधिवक्ता जो सरकार द्वारा शुल्क पर नियुक्त किये गये हैं तथा सहायक लोक अभियोजक

कहते है डुमरांव एसडीएम

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार 21 साल के युवा भी अब पंचायत चुनाव लड़ सकते है।

-हरेन्द्र कुमार राम, डुमरांव एसडीएम

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