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कोरोना काल की परेशानियां:कोरोना से जंग जिताने में डॉ. विनीश कुमार और सहयोगी कर्मियों की कार्य सराहनीय : विकास

डुमरांव7 दिन पहले
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कोरोना से जंग जीत घर लौटे एक मैगजीन के एसोसिएट एडीटर विकास आनन्द ने डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल की बेहतर व्यवस्था को लेकर वहां कार्यरत डॉक्टर व कर्मियों की कार्यशैली को सराहा। उन्होंने कोरोना काल की परेशानियों में जंग लड़ने की दास्तां को बयां करते हुए कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नही है। हां एहतियात बरतना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश मे ऑक्सीजन को लेकर मारा मारी था तब मैं डुमरांव के सरकारी अनुमंडलीय अस्पताल में एडमिट हुआ। जहां मुझे ना केवल लगातार ऑक्सीजन मिला बल्कि यहां के प्रशासनिक, डॉक्टर व कर्मियों की सेवा भाव देखने मिला।

दस दिनों तक रहने के क्रम में एक चीज पाया की सीनियर डॉक्टर तो अटेंडेंस लगाने के बाद नही मिलते थे।लेकिन जो अन्य डॉक्टर थे वे काफी नियमित मुझे लगे। कहते हैं डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होते हैं। ऐसे में एक डॉ. विनीश कुमार अकेले सारे कोविड वार्ड में घूमते थे मरीजों अपडेट लेते थे। मेडिसिन चेंज करना होता था तो कॉल करते थे।

उन्होंने बताया कि डॉ. विनीश के सेवा के समर्पण को देखकर कृत कृत हो गया। डॉ ऐश्वर्या, अमित बैरवा, इंदरजीत जैसे नर्सिंग स्टाफ के साथ ही ऑक्सीजन इंचार्ज संजय सिंह, भण्डारपाल संतोष कुमार काफी तत्परता से अपने जिम्मेवारियों को वहन कर रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय एसडीएम हरेंद्र राम और एएसडीओ और अनुमण्डल के कोविड प्रभारी धनंजय त्रिपाठी बराबर कोविड सेंटर का ध्यान रखते दिखे। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग जितने में इनके द्वारा मिले सहयोग व सेवा को कभी भुला नहीं सकता। सभी धन्यवाद के पात्र हैं।

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