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सौहार्दपूर्ण वातावरण:कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर मनाया ईद उल अजहा का त्योहार, घरों में अदा की नमाज

डुमरांव15 दिन पहले
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  • मस्जिदों के साथ ही चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे पुलिस के जवान, सौहार्दपूर्ण वातावरण में मना बकरीद

बुधवार को ईद उल अजहा ( बकरीद ) का त्यौहार मनाया गया। मुसलमान भाइयों ने परंपरा के साथ कोरोना प्रोटोकॉल के तहत इस त्यौहार को मनाया तथा हजरत इब्राहिम के याद में कुर्बानी की रस्म को निभाया। इसके पहले घरों में बकरीद की नमाज अदा की गई। कई जगहों पर तो लोग अपने छत पर सामूहिक नमाज का आयोजन किए थे लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा गया था।

नमाज के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मस्जिदों के बाहर तथा शहर में गश्त करते रहे। नया भोजपुर गांव में तो पुलिस ने दोपहर तक कैंप किया। डुमरांव में भी सभी मस्जिदों के बाहर तथा शहरी क्षेत्र में पुलिस के जवान गश्त कर इस बात की तस्दीक कर रहे थे कि कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन तो नहीं किया जा रहा है। बता दें कि इस बार प्रशासन द्वारा कोरोना नियमों का हवाला दे घरों में ही नमाज पढ़ने की अपील की गई थी।

मुसलमान भाइयों ने प्रशासन के इस अपील का पालन किया तथा मस्जिदों के बजाय घर में नमाज पढ़ी। सुबह से ही मुस्लिम मोहल्लों में उत्साह व्याप्त था। लोग एक दूसरे को बकरीद की बधाई देते देखे गए। नमाज के बाद भी परंपरागत तरीके से गले मिल एक दूसरे को बधाई दी गई। हालांकि इस दौरान नियमों के पालन का खास ख्याल भी रखा गया था। बकरीद के त्यौहार को कुर्बानी के लिए जाना जाता है। इसी दिन कुर्बानी देने के बाद भी हजरत इब्राहिम जिंदा हुए थे। उनकी याद में ही सभी मुस्लिम घरों में कुर्बानी दी गई। कुर्बानी के लिए पहले से ही महंगे दामों पर बकरे की खरीदारी की गई थी।

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