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खतरा बरकरार:अब भी बारात में बेखौफ होकर डांस कर रहे हैं लोग

डुमरांव2 महीने पहले
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  • चार-छह सौ लोग शादी समारोह में ले रहे है भाग डीजे व बाजे की धुन पर लगा रहे है ठुमके

जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और संसाधन का अभाव होता जा रहा है। वहीं राज्य में बक्सर जिला कोरोना मरीज व मृत्यु के मामले में रेड़ जोन में है। इसके बावजूद शहरी हो या ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं। डुमरांव अनुमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कोरोना से बेखौफ हैं। लॉकडाउन की घोषणा एवं प्रशासन की ओर से चलाए गए जागरूकता अभियान के बाद बाजार में मास्क लगाकर घूमनेवालों की संख्या में पहले की अपेक्षा काफी वृद्धि हुई है और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन होने लगा है। वहीं, शादी समारोह में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। राज्य सरकार ने मिनी लॉकडाउन के बीच शादी समारोह में अधिकतम 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति दे रखी है, ताकि शादी-विवाह भी होता रहे और संक्रमण भी न फैले। लेकिन शहरी हो या गांवों के शादी समारोह की स्थिति देखकर लगता ही नहीं कि यह कोरोना काल है। अधिकांश जगहों पर 400 और अधिकतम 600 लोग समारोह में शामिल हो रहे हैं। अधिकांश लोगों के पास मास्क तो होता है लेकिन उनकी जेब में। महिला, पुरुष, बुजुर्ग, बच्चे, बेखौफ होकर शादी में शामिल हो रहे हैं। स्थानीय प्रशासन भी सिर्फ बाजार तक ही सीमित है। जिस प्रकार पुलिस को देखते ही बाजार में घूमनेवाले लोग लोग अपनी जेब से मास्क निकालकर तुरंत पहन लेते हैं, ठीक उसी प्रकार शादी का आयोजन करने वाले लोग इस इंतजार में हैं कि प्रशासनिक अधिकारी कब आएंगे बंद कराने या कार्रवाई करने। शादी-विवाह समारोह में किसी के चेहरे पर मास्क नही होता है। ना ही सोशल-डिस्टेंसी का पालन होता है। रसोईया को भी सेनेटाइज नही कराया जाता है। डीजे व बाजे के धुन पर बराती नाचते देखे जा रहे है। ऐसी बात नहीं है कि इस क्षेत्र में कोरोना संक्रमण का प्रकोप नहीं है बल्कि अबतक हुई जांच शिविर के माध्यम से एक दर्जन से अधिक लोग संक्रमित मिल चुके हैं। ऐसे में लोगों की लापरवाही भारी पड़ सकती है। गांवों में टायफाइड एवं अन्य बुखार पीड़ितों की संख्या काफी है और लोग सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सा व्यवस्था से ही इलाज करा रहे हैं। सूत्रों की माने तो बैंड बाजा वालो पर बजाने के लिए दबाब बनाई जा रही है। ऐसे में बैंड बाजा वालों पर जहां एक ओर प्रशासन तो दूसरी ओर साटा करने वालो का तथाकथित दबाब बना है।
कहते है एसडीएम
डुमरांव एसडीएम हरेन्द्र राम ने कहा कि कोरोना गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र में माइक से प्रचार किया जा चुका है। अगर ऐसी सूचना मिलती है तो जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

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