शिक्षक नियोजन फर्जीवाड़ा का खुलासा:फर्जी प्रमाणपत्र जमा करने वाले दो शिक्षकों समेत 28 अभ्यर्थियों पर एफआईआर दर्ज

डुमरांव13 दिन पहले
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डुमरांव नियोजन इकाई (फाइल फोटो)। - Dainik Bhaskar
डुमरांव नियोजन इकाई (फाइल फोटो)।
  • प्रखंड में नियोजन इकाइयों की मिलीभगत की जा रही गड़बड़ी

प्रखंड में नियोजन इकाइयों की मिलीभगत से फर्जीवाड़े कर शिक्षक की नौकरी कर रहे शिक्षकों पर निगरानी की शिकंजा दिन-प्रतिदिन कसती जा रही है। हालांकि यह खेल केवल एक ही प्रखण्ड डुमरांव में नहीं बल्कि जिलां के सभी सभी प्रखंडो में खेला गया है। वहीं नियोजन इकाइयों द्वारा शिक्षक बहाली में काफी हैरत अंगेज कारनामे किए गए हैं। जिनकी कलई निगरानी की जांच के बाद परत दर परत खुलती जा रही है। ऐसे में डुमराँव में एक बड़ा विस्फोट हुआ है । 28 शिक्षक अभियार्थी फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे नियोजन काउंसलिंग में शामिल हुए थे।

सर्टिफिकेट की छानबीन के बाद प्रखण्ड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह के बयान पर इस 28 फर्जीवाड़े शिक्षकों पर स्थानीय थाने में प्रथमिकी दर्ज किया गया है । कार्यालय सूत्रों के मुताबिक करीब 150 शिक्षकों ने नियोजन के लिए आवेदन भरे थे । जिन्हें चयन के लिए बक्सर बुलाया गया था । लेकिन सूची में शामिल 28 अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए। उनका कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि शिक्षक की नौकरी पाने के लिए उपरोक्त 28 अभ्यर्थियों ने फर्जी प्रमाण पत्र पर काउंसलिंग कराई है। जिसमें कोरानसराय, डुमरांव की करिश्मा कुमारी, चिलहरी डुमरांव की सोनी कुमारी, कृष्णा नगर डुमरांव रेणु कुमारी, नीतू यादव, कोरानसराय डुमरांव चंदन प्रसाद, हरेंद्र कुमार सिंह, बसगीतियां कोरानसराय के सोनू कुमार, बनकट हरि पासवान, डुमरांव के विकास कुमार, छतनवार के रौशन कुमार, ठठेरीबाजार डुमरांव के मो.फिरोज अंसारी, कचइनिया कोरानसराय की करिश्मा कुमारी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है।

सभी के सर्टिफिकेट जाली निकले : बीडीओ

  • डुमरांव प्रखण्ड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बक्सर में शिक्षक नियोजन का कैम्प उच्च विधालय में 14 सितंबर 2021 को लगा था। जिसमे ये 28 शिक्षक अनुपस्थित थे। इनलोगों का सर्टिफिकेट भी जाली था।

कार्रवाई करेंगे : थानाध्यक्ष
डुमरांव थानाध्यक्ष बिंदेश्वर राम ने बताया कि बीडीओ संतोष कुमार सिंह ने बयान पर 28 फर्जी प्रमाणपत्र काउंसलिंग में जमा कर नौकरी पाने वाले शिक्षक अभियार्थी पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहे दो शिक्षकों पर एफआईआर
पटना हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के आलोक में चल रही नियोजित शिक्षकों की फर्जीवाड़े की जांच में इटाढ़ी प्रखंड के एक शिक्षिका व एक शिक्षक पर निगरानी विभाग की गाज गिरी है। निगरानी अन्वेषण ने इस मामले में शिक्षिका व शिक्षक पर इटाढ़ी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। मामला इटाढ़ी थाना क्षेत्र का है। विभाग इस कार्यवाई से फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी कर रहे शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में इटाढ़ी थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार ने बताया कि नारायणपुर पंचायत में पदस्थापित पंचायत शिक्षिका कवलपोखर निवासी रम्भा कुमारी पिता रविन्द्रनाथ मिश्रा जो प्राथमिक विद्यालय नारायणपुर में 2003 से हीं पदस्थापित थी। उनका इंटरमीडिएट का प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। निगरानी जांच में इंटरमीडिएट का प्रमाणपत्र अभिषेक रंजन का पाया गया है।

जबकि दुसरा मामला कुकुढ़ा पंचायत का है जहां चिलहर गांव निवासी सुरेंद्र प्रसाद प्रजापति पिता श्रीभगवान प्रसाद जो अनुसूचित प्राथमिक विद्यालय दक्षिण टोला में पंचायत शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। जिनका इंटरमीडिएट का प्रमाणपत्र फर्जी है। जो बेचन प्रकाश के नाम पर है। उस रोल कोड व रौल नंबर पर 640 अंक काराकर नौकरी कर रहे थे। निगरानी जांच में फर्जी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज किया गया है। इन सभी से वेतन की रिकवरी की जाएगी।

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