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कलम की ताकत:संस्कृति और समाज को मजबूत करने में हिंदी पत्रकारिता का सबसे अहम योगदान : शशांक

डुमरांव22 दिन पहले
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  • हिंदी पत्रकारिता दिवस पर रेड क्रॉस सोसाइटी में आयोजित किया पत्रकार सम्मान समारोह

हिंदी और हिंदी पत्रकारिता के संस्थापक पंडित युगल प्रसाद शुक्ला के स्वर्णिम यादव को समझाते हुए रेड क्रॉस सोसाइटी जिला उपशाखा डुमरांव ने रविवार को पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन कर दर्जनों पत्रकारों को सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता बक्सर प्रेस क्लब के अध्यक्ष सह रेड क्रॉस के उपाध्यक्ष डॉ शशांक शेखर उपाध्याय ने किया।

उन्होंने अपने संबोधन में हिंदी पत्रकारिता के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि स्वर्गीय युगल प्रसाद शुक्ला ने 1826 में जब पहली बार देश में हिंदी पत्रकारिता की नींव रखी थी तो उस समय अंग्रेजों का राज था। डॉ. शशांक ने अपने सम्बोधन में कहा कि हिंदी भाषा में ‘उदन्त मार्तण्ड’ के नाम से पहला समाचार पत्र 30 मई 1826 को कलकत्ता (अब कोलकाता) से निकाला गया था। इसलिए इस दिन को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। कानपुर के पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने इसे कलकत्ता (अब कोलकाता) से एक साप्ताहिक समाचार पत्र के तौर पर शुरू किया था।

हडॉ उपाध्याय ने कहा कि आज के दौर में भी पत्रकारों के समक्ष कई चुनौतियां है। उन्होंने हिंदी और समाज को मजबूत करने में हिंदी पत्रकारिता को सबसे महत्वपूर्ण बताया। सम्मान समारोह को रेडक्रास के सदस्य इंजीनियर संतोष कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अरुण विक्रांत आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ शशांक शेखर और संचालन रेड क्रॉस के मानद सचिव सह सम्मान समारोह के मुख्य आयोजक शत्रुघ्न प्रसाद उर्फ मोहन जी गुप्ता ने किया। इस दौरान उपस्थित पत्रकारों को रेडक्रास का मास्क साबुन व सम्मान पत्र दिया गया। मौके पर अशोक कुमार, अमित ओझा, सुजीत कुमार, रजनीकांत, रंजीत पांडेय, शिवनारायण,अमर केसरी, मनोज मिश्र, अजय कुमार, सत्यम कुमार रौशन कुमार समेत कई अन्य उपस्थित थे।

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