निर्देश:क्राइम मीटिंग में एसडीपीओ ने थानेदारों की लगाई क्लास हरहाल में अपराध पर नियंत्रण करने के लिए दी चेतावनी

डुमरांव13 दिन पहले
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  • रात्रि गश्ती स्वयं करें थानाध्यक्ष, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने पर होगी कार्रवाई
  • चेतावनी दी कि अपराध का ग्राफ बढ़ा तो कड़ी कार्रवाई करेंगे

अनुमण्डल स्थित अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी के कार्यालय में शुक्रवार को एसडीपीओ राज ने सभी थानेदारों के साथ क्राइम मीटिंग की। क्राइम मीटिंग में अपराध नियंत्रण के लिए एसडीपीओ ने सभी थानाध्यक्षों और वरीय पुलिस पदाधिकारियों को अपराध में कमी लाने का कड़ा निर्देश दिया। चेतावनी दी कि अपराध का ग्राफ बढ़ा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं राज ने कई थानेदारों की जमकर क्लास लगाई। एसडीपीओ ने रात्रि गश्ती तेज करने और कांडों का त्वरित गति से निष्पादन करने का भी निर्देश दिया। लगभग चार घंटे तक आपराधिक घटनाओं और उससे संबंधित कार्रवाई पर चर्चा हुई।

क्राइम मीटिंग में डीएसपी ने सर्वप्रथम अनुमण्डल के सभी थानाध्यक्षों से अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देने के बाद प्रत्येक थाने में घटित आपराधिक घटनाओं, लूट-पाट, हत्या सहित अन्य घटनाओं में अब तक प्रशासनिक कार्रवाई और उपलब्धि के बारे में जाना। उसके बाद अपराध के पूर्व के रिकार्ड और वर्तमान के बारे में पूछताछ की। सभी थानों के थानेदार से बारी-बारी से पूछताछ हुई। साथ ही लूट-पाट और आपराधिक घटनाओं के लिए पूर्व से चिन्हित स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती रखें। साथ ही शराब धंधेबाजों के खिलाफ धड़ -पकड़ अभियान तेज करने का भी निर्देश दिया गया है।

एसडीपीओ ने सभी थानाध्यक्षों और वरीय पुलिस पदाधिकारियों को लंबित आपराधिक मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने थानेदारों को स्पष्ट तौर पर कहा कि हर हाल में क्राइम कंट्रोल होनी चाहिए। यदि लापरवाही बरती गई तो मैं किसी को छोडूंगा नहीं। जिस थाना क्षेत्र में मैं पहुंचा और वहां के अधिकारी ड्यूटी पर नहीं दिखाई दिए तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्वयं रात्रि-गश्ती करेंगे। एसडीपीओ राज ने शराब की मामले पर कहा कि हर हाल में शराब धंधेबाजों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें।

थाने में महिला हेल्प डेक्स पर 24 घण्टे महिला आरक्षी अनिवार्य
क्राइम मीटिंग के दौरान थानों पर संचालित महिला हेल्प डेस्क पर 24 घंटे महिला आरक्षी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने तथा थाने पर आने वाली प्रत्येक महिलाओं के समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर कराने, सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखने तथा भ्रामक व गलत संदेश/सूचना को किसी भी प्लेटफार्म पर प्रसारित करने वाले के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने आदि हेतु निर्देशित किया गया।

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