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उदासीनता:बारिश में इस सड़क पर हो गया है फिसलन अब लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया

डुमरांव14 दिन पहले
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शहर के वार्ड संख्या चार की गली में लगा कीचड़। - Dainik Bhaskar
शहर के वार्ड संख्या चार की गली में लगा कीचड़।
  • जल निकासी नहीं, नाली के आभाव में बजबजा रहीं गलियां, नप प्रसाशन मौन
  • मोहल्ले में करीब 500 लोग रहते हैं, बारिश के बाद जैसे-तैसे अपने घर पहुंचते हैं

यह दृश्य किसी गांव के गली की नही बल्कि डुमरांव नगर परिषद के वार्ड चार हरी जी के हाता गली का दृश्य है, करीब छह माह से ज्यादा समय हो चुका लेकिन अब तक नप का ध्यान इस ओर आकृष्ट नही हुआ। जबकि पांच हजार साल पूर्व जब देश में पहली शहरी सभ्यता का विकास हुआ था, तब लोगों का जीवन पहली बार सुगम व सहज होना शुरू हुआ था।

इतिहास के पन्नों में आज भी हम हड़प्पा व मोहनजोदड़ो नगरों की चौड़ी सड़कों, पक्की नाली-गली, समुचित जल निकासी व्यवस्था इत्यादि का वर्णन पढ़ते हैं। परंतु जब आज 21 वीं सदी में डुमरांव नगर परिषद के वार्ड चार हरी जी का हाता मुहल्ला जो नगर के राइस इलाकों में इसकी गिनती की जाती है। लेकिन वर्तमान समय में यह मुहल्ला कीचड़ से लद फंद अपनी दस्ताना को बयां कर रही है।

सड़क से ऊंची नाली है समस्या की वजह
मुहल्ले के लोग वार्ड पार्षद के तथाकथित विकास के दावे पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहे है। हल्की बारिश में भी यह सड़क पर फिसलन हो गया है और लोग कब पैदल चलना भी दूभर हो गया है। नप द्वारा इस मोहल्ले में नाली तो बनाई गई लेकिन उसकी ऊपरी सड़क से 2 फुट ऊपर है जिस वजह से सड़क पर जमा बरसात का पानी जस का तस ठहर जाता है।

वाहनों के आवागमन से इस सड़क पर गड्ढे उभर आए है इस मोहल्ले के लोग कीचड़ से सने सड़क से गुजर कर अपने घरों को पहुंचते हैं। मोहल्ला बरसात के दिनों में जलजमाव से भर जाता है पानी के ठहराव से इस मोहल्ले में सांप बिच्छू का भी डर बना रहता है।

लोगों का दर्द : ना पार्षद सुनते हैं ना ही अधिकारी
मोहल्ले के लोगों ने नगर परिषद के खिलाफ आक्रोश जताते हुए इस सड़क को पक्की करण कराने की मांग की है मोहल्ले के लोगों ने बताया कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नप प्रशासन से लेकर वार्ड पार्षद तक गुहार लगाई गई है । लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी है उन्होंने बताया कि वार्ड पार्षद के उदासीनता से इस मोहल्ले में किसी तरह का विकास का काम नहीं हो पाया है केवल वोट लेने के लिए वार्ड पार्षद विकास का दावा कर घर बैठ गए। इस मोहल्ले में करीब 500 लोग रहते हैं लेकिन बारिश होने के बाद जैसे-तैसे अपने घरों को पहुंचते हैं।

दर्जनों बार की गई शिकायत, कार्रवाई नहीं
बुजुर्ग महिला पार्वती देवी और आरती की मानें तो कई बार बारिश का पानी घरों में प्रवेश कर जाता है जिससे पूरी रात जागकर गुजारना पड़ता है ।सड़कों पर फिसलन के कारण वाहन का चलना भी मुश्किल हो गया है इस मोहल्ले के लोग न प्रशासन की लापरवाही और वार्ड पार्षद की उदासीनता पर बिफरे है।

हालांकि यह समस्या नगर परिषद की किसी एक वार्ड की गलियों का नहीं बल्कि शहर के सभी 26 वार्डों के 60 फीसदी गलियों में कुछ इस प्रकार का ही दृश्य देखने को मिलता है । दर्जनों शिकायत नगर परिषद के पदाधिकारी किया गया है।

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