अटाव मुखिया पुत्र पर गोलीबारी का मामला संदेहास्पद:पुलिस तफ्तीश में सामने आ रही है कई चौंकाने वाली बातें,अब तक केस नहीं

डुमरांवएक महीने पहले
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अटाव पंचायत के मुखिया पुत्र आलोक चौधरी को गोली लगने की घटना संदेहास्पद बनते जा रही है। एक तरफ परिजनों द्वारा इसका एफआईआर दर्ज नहीं करवाने तथा दूसरी तरफ गोली लगने के तरीकों से पुलिस का शक इस बात पर गहराता जा रहा है कि कहीं उसे खुद से तो गोली नहीं लग गई है। पुलिस की माने तो मुखिया के परिजनों तथा जख्मी के बयान के बाद यह मामला पेचीदा हो गया है।

सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को अटाव में गोवर्धन पूजा को ले एक सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। मुखिया पुत्र आलोक इसमें शरीक हो रहा था। कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ वह सोच के लिए बाहर गया और उधर से लौटने के दौरान उसे गोली लग गई। गोली उसके जांघ में लगी है। पहले तो अपराधियों द्वारा गोली मारने की बात कहीं जा रही थी।

लेकिन घटना के दूसरे दिन भी परिजन एफआईआर दर्ज नहीं करवाए। इधर पुलिस के शुरुआती जांच में ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि मुखिया पुत्र को गोली मारी गई है। ऐसे में पुलिस का शक इस बात की ओर बढ़ने लगा है कि कहीं उसे खुद के आर्म्स से तो गोली नहीं लग गई है।

कहते हैं एसडीपीओ
एसडीपीओ राज ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला संदेहास्पद है। उन्होंने कहा कि परिजनों से बातचीत तथा घटनास्थल का मुआयना करने के बाद ऐसा लगता है खुद से गोली चली है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा।

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