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गिरफ्तारी:डीबीजीबी आशा पड़री घोटाला के मामले में मैनेजर समेत 2 को पुलिस ने किया गिरफ्तार

डुमरांव7 दिन पहले
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  • पूर्व प्रबंधक पर करोड़ों रुपए के गबन का है आरोप, मैनेजर को पटना से पुलिस ने दबोचा

पिछले एक सप्ताह से सुर्खियों में रहे ग्रामीण बैंक आशा पड़री ब्रांच के घपलेबाज पूर्व प्रबंधक पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। सिमरी पुलिस ने पटना स्थित उसके एक गुप्त ठिकाने से उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसपर ग्रामीण बैंक के आरएम विकास भगत ने दो दिन पहले ही सिमरी थाने में एक करोड़ नौ लाख रुपए के गबन का आरोप लगा एफआईआर दर्ज कराया था। एफआईआर दर्ज होने के 48 घंटे के अंदर ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। हालाकि इस संबंध में कुछ भी बताने से पुलिस ने इनकार कर दिया है। माना जा रहा है कि उससे पूरी पूछताछ के बाद ही पुलिस मीडिया को जानकारी देगी।

सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने पूर्व मैनेजर के स्वीकारोक्ति के बाद आशा पड़री के एक ग्रामीण को भी हिरासत में लिया है। हालाकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही हैं। सूत्रों का कहना है शुक्रवार को उसे गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम के बैरंग लौटने के बाद दूसरी टीम को सफलता मिल गई। एसडीपीओ केके सिंह ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

केस दर्ज होने के 48 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लाई सिमरी पुलिस

कई लोगों पर गिर सकती है गाज
सूत्रों की माने तो घपलेबाज मैनेजर से गिरफ्तार होने के बाद कई लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। सूत्र बताते हैं के प्रबंधक ने एक बड़ा रैकेट बनाया था लोगों के खाते से अवैध निकासी मामले में कोई लोग इस जाल में फंस सकते हैं।

मैनेजर ने लिए कई नाम : एसपी
बक्सर एसपी नीरज कुमार सिंह ने कहा कि बैंक मैनेजर समेत दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है। मैनेजर कई चौकाने वालों का नाम लिया है। जिसमें जिले के एक बड़े कारोबारी भी है। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है। अगर दोषी पाए गए तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। विशेष जानकारी सोमवार को प्रेसवार्ता में दी जाएगी।

मैनेजर को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम थी एक्सपर्ट

जानकारों का कहना है फरार मैनेजर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक साथ चार टीमों का गठन किया था। सभी टीमें मुस्तैदी से अपना अपना काम कर रहे थी। चुकी घपलेबाज रविशंकर कुमार काफी शातिर दिमाग का है तथा बार-बार अपना लोकेशन बदल पुलिस को चकमा दे रहा था जिसके बाद पुलिस भी सावधानी से अपना काम कर रही थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को ही उसकी गिरफ्तारी का जाल बिछा दिया गया था। एक टीम पटना स्थित उसके आवास पर भी गई थी लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह ठिकाना बदल चुका था।

लेकिन उसके नए अड्डे के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिल गई थी दूसरी टीम ने उस जगह पर जब दस्तक दिया तो उस दौरान वह फिर अपना ठिकाना बदलने की फिराक में था। लेकिन मुस्तैद पुलिस ने उसे दबोच लिया। सूत्रों का कहना है कि यदि चंद मिनट भी विलंब हुआ रहता तो वह एक बार फिर से पुलिस को चकमा देने में सफल होता।

क्या है घटनाक्रम
डीबीजीबी आशा पड़री ब्रांच में 30 मई को कुछ उपभोक्ताओं ने प्रबंधक के साथ खाते से राशि गायब होने को लेकर तू तू मैं मैं किया था। 31 मई को एक महिला उपभोक्ता की शिकायत पर पूरे गांव में यह बात फैल गई थी कि ग्रामीण बैंक के मैनेजर ने उपभोक्ताओं के खाते से बिना उनको जानकारी दिए रुपए निकाल लिए हैं। इस घोटाले के उजागर होने के बाद पूरा दिन वहां हंगामा करते रहे।

एक जून को एलडीएम एके ओझा ने इस मामले की जांच की। दो जून को ग्रामीण बैंक भभुआ क्षेत्र के रीजनल मैनेजर मैनेजर विकास भगत और बैंक विजिलेंस की टीम ने इस मामले की जांच शुरू कर दी। 3 मई को आरएम पूर्व प्रबंधक रवि शंकर कुमार उसके पिता उमेश सिंह पत्नी तथा भाई पर एक करोड़ नौ लाख के गबन का आरोप लगाते हुए सिमरी थाने में एफआईआर दर्ज करवाया। 5 जून को उसे गिरफ्तार करने के लिए सिमरी पुलिस की एक टीम पटना गई लेकिन बैरंग लौटी। 6 जून को पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता पाई।

डीबीजीबी आशा पड़री ब्रांच में 30 मई को कुछ उपभोक्ताओं ने प्रबंधक के साथ खाते से राशि गायब होने को लेकर तू तू मैं मैं किया था। 31 मई को एक महिला उपभोक्ता की शिकायत पर पूरे गांव में यह बात फैल गई थी कि ग्रामीण बैंक के मैनेजर ने उपभोक्ताओं के खाते से बिना उनको जानकारी दिए रुपए निकाल लिए हैं। इस घोटाले के उजागर होने के बाद पूरा दिन वहां हंगामा करते रहे।

एक जून को एलडीएम एके ओझा ने इस मामले की जांच की। दो जून को ग्रामीण बैंक भभुआ क्षेत्र के रीजनल मैनेजर मैनेजर विकास भगत और बैंक विजिलेंस की टीम ने इस मामले की जांच शुरू कर दी। 3 मई को आरएम पूर्व प्रबंधक रवि शंकर कुमार उसके पिता उमेश सिंह पत्नी तथा भाई पर एक करोड़ नौ लाख के गबन का आरोप लगाते हुए सिमरी थाने में एफआईआर दर्ज करवाया। 5 जून को उसे गिरफ्तार करने के लिए सिमरी पुलिस की एक टीम पटना गई लेकिन बैरंग लौटी। 6 जून को पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता पाई।

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