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हत्याकांड का पर्दाफाश:संपत्ति के लिए भाई ने ही दोस्तों के साथ मिल कर दी थी रवि सिंह की हत्या, एक गिरफ्तार

डुमरांव24 दिन पहले
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  • 28 मार्च को मुरार थाना क्षेत्र के फफदर मोड़ के पास हुई थी रवि की हत्या

मुरार थाना क्षेत्र के फफदर गांव निवासी दिव्यांग रवि सिंह हत्याकांड का उद्भेदन पुलिस ने कर लिया है। उसके भाई छोटू उर्फ ओमप्रकाश सिंह ने संपत्ति के लालच में अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर शव को फफदर मोड़ के पास स्थित एक सूखे कुएं में डाल दिया था। यह हत्या होली के पूर्व संध्या 28 मार्च को की गई थी।

जबकि इस मामले में 30 मार्च को एफआईआर दर्ज कराया गया था। पुलिस ने हत्या की तफ्तीश शुरू की तो इसमें गांव के ही मुन्ना सिंह उर्फ जितेंद्र सिंह की भूमिका सामने आई। जब जितेंद्र गिरफ्तार हुआ और पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो हत्या की गुत्थी न सिर्फ परत दर परत खुलते चली गई बल्कि संपत्ति के लालच में रिश्तों के कलंकित होने की बात भी सामने आई। रवि को जेल भेजने के बाद पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी में जुट गई है।

अपनी संपत्ति भेज पटना में प्रेमिका के लिए घर खरीदना चाह रहा था मृतक का भाई
मुन्ना ने पुलिस को बताया कि मृतक रवि सिंह का भाई छोटू उर्फ ओमप्रकाश का पटना के किसी लड़के से अफेयर चल रहा था वह उसके दबाव में पटना में घर बना रहना चाह रहा था। इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। छोटू अपनी संपत्ति बेच पटना में मकान खरीदने के फिराक में था। लेकिन रवि संपत्ति बेचने का विरोध कर रहा था। इसी बीच छोटू ने मुन्ना को कुछ रुपयों का लालच दे रवि को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। मुन्ना की माने तो चार-पांच दिन पहले से उसकी हत्या की साजिश रची जा रही थी। 28 मार्च 2021 को छोटू औरंगाबाद के एक दोस्त बन्नी उर्फ बनवारी तथा एक अन्य युवक के साथ चौगाई फील्ड में मुझसे मिला।

हम चारों लोग रवि के चौराहे से दुकान बंद कर लौटने का इंतजार करने लगे। दोपहर करीब 2:00 बजे जब रवि आता दिखाई दिया तो योजना के अनुसार फफदर मोड़ के पास मैं उसे बातचीत में उलझाए रखा। इसी दौरान पीछे से छोटू और उसके दोस्त भी आ गए। छोटू ने लाठी से रवि के सर पर वार कर दिया जिससे वह अपने व्हीलचेयर से गिर बेहोश हो गया। इसके बाद तीनों उसे घसीटते हुए झाड़ी की तरफ ले गए और चाकू तथा डंडे से मार कर उसकी हत्या कर शव को फफदर मोड़ के पास स्थित एक सूखे कुएं में डाल दिए।

पूरी तरह से दिव्यांग था रवि
ग्रामीणों का कहना था कि रवि पूर्ण रूप से दिव्यांग था। वह बिजली मिस्त्री था तथा चौगाई में इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स का दुकान भी चलाता था। हत्यारों को उसके शारीरिक स्थिति पर भी दया नहीं आई और निशान से तरीके से उसकी हत्या कर दी।
कहते हैं एसडीपीओ
रवि सिंह हत्याकांड का खुलासा कर लिया गया है। उसके भाई छोटू उर्फ ओमप्रकाश सिंह ने संपत्ति हड़पने के लालच में अपने तीन अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। उन्होंने कहा कि एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।
केके सिंह, एसडीपीओ

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