पुलिस को नहीं मिली सफलता:उत्कर्ष माइक्रो फाइनेंस में लूट मामले में नहीं हो सकी लुटेरों की पहचान

डुमरांव3 महीने पहले
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जांच को पहुंचे पुलिस कर्मी। - Dainik Bhaskar
जांच को पहुंचे पुलिस कर्मी।
  • लुटेरों की पहचान नहीं होने से उठ रहे सवाल, जांच करने का दावा कर रही पुलिस

तीन अगस्त की रात नंदन गांव स्थित उत्कर्ष माइक्रो फाइनेंस में हुए 7 लाख 32 हजार के लूट मामले में चार दिन बाद भी पुलिस लुटेरों की शिनाख्त नहीं कर सकी है। जबकि घटना के दिन है बैंक कर्मियों ने वह वीडियो फुटेज दिया था जिसमें लुटेरों की वारदात कैद हुई थी।

सीसीटीवी से मिले फुटेज और तकनीकी साधनों के माध्यम से पुलिस जल्दी हैं लुटेरों तक पहुंचने का दावा कर रही थी। लेकिन 4 दिन बीतने के बाद भी पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इधर इस घटना के उद्भेदन नहीं होने से बैंक कर्मियों का डर भी बढ़ने लगा है।

घटना के बाद से बैंक तो खुल रहा है लेकिन कर्मी डरे सहमे अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। लुटेरों के दुस्साहस से शहर के अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तथा निजी बैंकों में भय का माहौल है। शनिवार को भी बैंक में ड्यूटी करने वाले कर्मियों के चेहरे लटके हुए थे।

जाहिर है उनमें अभी भी लुटेरों का खौफ बना हुआ है। जबकि चार दिन बाद भी पुलिस की कार्यशैली से ऐसा लग रहा है मानो उन्हें लुटेरों के संबंध में कोई सुराग हाथ नहीं लगे है। अगर पुलिस इस घटना को अंजाम देने वाले गिरोह की शिनाख्त कर ली होती तो ताबड़तोड़ छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार भी करती।

लेकिन पुलिस अभी तक ऐसा नहीं कर पाई है। इस घटना का उद्भेदन में जितना देर हो रहा है उससे बैंक कर्मियों का डर भी बढ़ते जा रहा है। जबकि पुलिस सूत्रों की माने तो इस घटना के उद्भेदन के लिए पुलिस खासे तत्पर है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने इस घटना को चुनौती के रूप में लिया है तथा शीघ्र उद्भेदन के लिए पुलिस हर हथकंडे अपना रही है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार, तकनीकी साधनों तथा मुखबिरों के सहयोग से पुलिस लुटेरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। थानाध्यक्ष बिंदेश्वर राम ने कहा कि इस मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है। पुलिस इसे काफी गंभीरता से ले रही है।

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