धरना / मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने दिया धरना, वामदलों के नेता भी रहे शामिल

Trade unions protest against anti-labor policies, leaders of Left parties included
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Trade unions protest against anti-labor policies, leaders of Left parties included

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

डुमरांव. केन्द्र सरकार के श्रम कानून में मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को ट्रेड यूनियनों, सेवा संगठनों व वामदलों के संयुक्त आह्वान पर एक दिवसी धरना दे रम कानून में मजदूर विरोधी नीतियों के बदलाव को वापस लेने की मांग की गई। नगर के नंद कुमार मिश्र की गली स्थित एक सार्वजनिक स्थान पर सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ट्रेड यूनियनों व वामदलों के कार्यकर्ता अपने हाथों मे तख्तियां लिए धरने पर बैठे थे। इस संबंध में जारी पे्रस विज्ञप्ति में बताया गया है कि केन्द्र सरकार उस समय श्रम कानूनों में छेड़छाड़ कर रही है जब पूरा देश कोरोना महामारी से परेशान है।

मजदूरों तथा उनके परिवार में भूखमरी की नौबत पैदा हो गई है। उनके रोजगार छिन गए है। संकट के इस घड़ी में मजदूरों की मदद के बजाए सरकार उनके अधिकारों में कटौती कर रही है। एआईटीयूसी ने मांग किया है कि केन्द्र सरकार श्रम कानूनों में हुए बदलाव को वापस ले तथा मजदूरों को तीन महीने तक राशन तथा प्रत्येक मजदूर को गुजारा भत्ता के रूप में 10 हजार रुपए प्रतिमाह दे ताकी संकट के समय उनका परिवार भूखों नहीं मरें।

धरना के माध्यम से राज्य सरकार से बदले हुए श्रम कानून को नहीं लागू करने की मांग की गई है। धरना में ओमप्रकाश सिंह, सीताराम वर्मा, लक्ष्मण प्रसाद, अरूण कुमार सिंह, गुप्तेश्वर प्रसाद, शमीम मंसूरी आदि थे।

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