पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जहां की सड़क:बारिश के चार माह तक बरसाती नाले में तब्दील हो जाती है डुमरिया के कोलाबाड़िया गांव की सड़क, लोग परेशान

डुमरिया12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • डुमरिया प्रखंड की धौलाबेड़ा पंचायत के कोलाबाड़िया गांव में पक्का नाला की मांग कर रहें ग्रामीण

डुमरिया प्रखंड के धौलाबेड़ा पंचायत के कोलाबाड़िया एक ऐसा गा॔व है जहां की सड़क बरसात में पांच माह बरसाती नाला बन जाती हैं। यहां के ग्रामीणों का पैर रात को ही सूखा रहता हैं। ग्रामीण जब भी घर से निकलते हैं पैर पानी मे ही गिरता हैं । दिन भर पैर भी॔ंगा रहता हैं । बस रात को सोते वक्त सूखता हैं । गा॔ंव का यह नजारा बरसात शुरू होते ही जुलाई अगस्त से ही शुरू हो जाता हैं। जब खेत मे पानी सूखता है यानी नवम्बर दिसम्बर में गा॔व का सड़क भी सूखता हैं।

इन पाँच महीनों तक कोलाबाडिया गांव के मुख्य सड़क पर पानी अनवरत बहते रहता हैं ।इस पानी के कारण हर किसी का घर सड़क से लगभग तीन फीट ऊपर बना हैं। इस पानी से घर धंसते रहते हैं। गा॔व मे कोई बीमार पड़ जाय तो खटिया में ढोकर इलाज के लिये चिकित्सक के पास ले जाते हैं ।हमेशा पानी बहते रहने के कारण बच्चे व उम्रदराज के लोग हमेशा बीमार रहते हैं ।इस की अधिकतर मकाने कच्ची हैं यानी मिट्टी की हैं।

क्यों पैदा हुई ऐसी स्थिति
कोलाबाड़िया गांव की सड़क अभी भी कच्ची हैं।ऊपर से खेत के लिये गाँव के अंदर से पानी जाता हैं ।पक्की नाला व पीसीसी सड़क नहीं होने कारण गांव मे यह स्थिति पैदा हुई है। गांव में पक्की नाला बन जाय तो समस्या का समाधान हो सकता है।

समस्या }डुमरिया प्रखंड की धौलाबेड़ा पंचायत के कोलाबाड़िया गांव में पक्का नाला की मांग कर रहें ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि 60 साल से गांव की यही स्थिति हैं। हर साल बरसात में यह नजारा रहता हैं। फरियाद कोई सुनते नहीं। कोलाबाड़िया एक आदिवासी बहुल गांव हैं। यहाँ लगभग पचास परिवार रहते हैं । ग्रामीणों ने बताया आबादी लगभग 350 हैं । बरसात में आज तक कोई भी सांसद ,विधायक या प्रशासनिक पदाथिकारी नहीं आये । उनकी मांग है कि एक अदद् नाला व पक्की सड़क बना दी जाय।

खबरें और भी हैं...