सावन विशेष:पातालेश्वर शिव मंदिर पहले पत्थराें से बना था ग्रामीणों ने मंदिर का पुन: निर्माण करवाया

डुमरिया2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • भक्त और भगवान के बीच कोरोना बनी दीवार, सरकार ने बंद किए मंदिर के द्वार

डुमरिया का पातालेश्वर शिव मंदिर काफी प्राचीन शिव मंदिर है। पहले यह मंदिर पत्थरों से बना था। ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर इस मंदिर का पुन: निर्माण किया था। डुमरिया मुख्य सड़क के किनारे होने तथा आसपास कईं गांव होने के कारण यहां भक्तों की भीड़ हमेशा लगी रहती है। सोमवार को भक्तों की भीड़ काफी बढ़ जाती हैं। अब इसे ग्रामीणों के सहयोग से जीर्णोद्धार कर काफी बड़ा भव्य बनाया गया है। प्रखंड का यह सबसे भव्य शिव मंदिर हैं । हालांकि डुमरिया प्रखंड के सबसे प्रचीन मंदिर गम्हराकोचा का शिव मंदिर हैं ।

डुमरिया शिव मंदिर के प्रधान पुजारी राधेश्याम महापात्र का कहना है कि पातालेश्वर मंदिर की स्थापना की सटीक जानकारी हमें भी नहीं हैं । पूर्वजों का कहना हैं कि यहां शिवलिंग का दर्शन हुआ था उसके बाद ग्रामीणों द्वारा एक पत्थर का मंदिर बनाया गया। बाद मे ईट सीमेंट से मंदिर बनाया गया। फिर ग्रामीणों द्वारा इसका जीर्णोद्धार कर उसे भव्य बनाया गया।

खबरें और भी हैं...