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आपदा:गोपालगंज के 200 गांवों में बाढ़, 4 हजार से ज्यादा घरों में घुस गया पानी, कई जगह सड़कें भी बह गईं

गोपालगंज2 महीने पहले
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  • घर की खिड़कियों से बह रहा है पानी, जान जोखिम में डाल आ-जा रहे हैं लोग

मांझा, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर के 200 से ज्यादा गांवों में अभी बाढ़ की तबाही बरकरार है। यह स्थिति पिछले 15 दिनों से बनी हुई है। हालांकि वाल्मीकि नगर बराज से पानी डिस्चार्ज कम होने से चारों प्रखंड के करीब 150 गांव बाढ़ की जद से बाहर निकल रहे हैं, लेकिन दो सौ गांव ऐसे हैं जहां अभी भी 3 से 4 फीट पानी बह रहा है।

इनमें से करीब 60 गांवों की हालत ज्यादा खराब है। 4 हजार से ज्यादा घरों में बाढ़ का पानी है। इन गावों के ग्रामीण अपना घर छोड़ कर सारण मुख्य तटबंध व सड़क पर शरण लिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के कारण गुरुवार को पानी का स्तर ऊपर उठ गया। बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर के 255 गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।

चिउटाहां गांव के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। 150 घरों में 800 आबादी बाढ़ से घिर गई है। इस आपदा में ग्रामीण खुद की तबाही का मंजर अपनी आंखों से देख रहे हैं। तस्वीर में देखिए लोग जान जोखिम में डालकर घरों का सामान निकल रहे हैं। सबसे ज्यादा तबाही यहीं पर है। नाव के अभाव में यहां ट्रैक्टर से लोग राहत का वितरण कर रहे हैं।

मुजफ्फरपुर: फिर तेजी से बढ़ने लगी बागमती, बूढ़ी गंडक के जलस्तर में कमी

जिले में बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो रही है। बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में बहुत ही धीमी रफ्तार से 24 घंटे में केवल 2 सेंटीमीटर की कमी आई है। वहीं, बागमती नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। वर्तमान में गंडक नदी का जलस्तर यहां खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं, बागमती का जलस्तर 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले में बाढ़ के साथ अत्यधिक बारिश के कारण जलजमाव की भी भीषण समस्या उत्पन्न हो गई है। बांध के अंदर लोग जहां बाढ़ से जूझ रहे हैं, वहीं बांध के बाहर जगह-जगह टूटे तटबंधों से निकलने वाले पानी के साथ जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं।

छपरा: गंडक बराज से 1.56 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, अब एनएच पर दो फीट बह रहा पानी

गंडक नदी के बराज से 1.56 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। जिले के गड़खा समेत अमनौर प्रखंडों के दो दर्जन गांवों में पानी घुस गया है। जिस कारण तबाही बढ़ गई है। छपरा-मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाली एनएच 722 पर चांदचक के बाद अब खरीदहा में भी 2 फीट पानी है। पहले से ही चांदचक में लगभग एक किमी तक 4 फीट सड़क के ऊपर पानी बह रहा है। मही नदी की पानी भी बढ़ रहा है जिससे बाढ़ का कहर अमनौर प्रखण्ड में पिछले कई दिनों से लगातार जारी है।

सीवान: धमई और गंडकी नदी के रौद्र रूप से 12 पंचायतों के 50 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

धमई व गंडकी नदी के रौद्र रूप से प्रखंड के लगभग एक दर्जन पंचायताें के करीब 50 गांव जलमग्न हो चुके हैं। भगवानपुर प्रखंड में सबसे ज्यादा गोपालपुर, बिठुना, सहसरांव, शंकरपुर, बड़कागांव, बनसोही खेड़वा, उतरी साघर सुल्तानपुर, भिखमपुर, सराय पड़ौली, महमदपुर कौड़ियां नुकसान पहुंचा है। यहां के लगभग 12 सौ से अधिक परिवार बाढ़ की विभीषिका के शिकार हुए हैं। बुधवार की शाम सहसरांव से होकर गुजरनेवाली भगवानपुर-मोरा पथ टूट गया।

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