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कोरोना का कहर:जिले में 315 नये पॉजिटिव मरीज मिले, 1.82% कम हुई रिकवरी दर, चार हजार एक्टिव केस

गोपालगंजएक महीने पहले
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मेडिकल स्टोर पर दवा खरीदते लोग - Dainik Bhaskar
मेडिकल स्टोर पर दवा खरीदते लोग
  • पहले 10 दिन में ठीक होते थे मरीज, अब समय लग रहा ज्यादा, इसलिए रिकवरी रेट कम

दूसरी लहर में कोरोना पहले से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर रहा है। वहीं, इस बार मरीजों को ठीक होने में भी ज्यादा समय रहा है। नतीजतन जिले में रिकवरी दर लगातार गिर रहा है। पिछले 24 घंटे में 315 नए पॉजिटिव केस सामने आने के बाद रिकवरी रेट 1.82% कम हो गया है। नए मरीजों के सामने आने के बाद से 36 दिन में संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 5281 हो गई है। एक सप्ताह 1800 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। स्वस्थ्य होने वाले लोगों की संख्या 1240 बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार मरीजों के ठीक होने में समय लग रहा है कि इस कारण भी रिकवरी दर कम है। पहले गंभीर मरीज भी 10 दिन में ठीक हो जाते थे, लेकिन अब 20-25 दिन लग रहा है। डॉक्टरों की मानें तो कोरोना सीधा फेफड़ों पर अटैक कर रहा है। फेफड़ों में इंफेक्शन ज्यादा होने पर मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। इसी कारण कई मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम पाया जा रहा है।
एक्सपर्ट व्यू: लक्षण नहीं होने के बावजूद संक्रमण फैलने का खतरा
बरौली पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार पासवान ने बताया कि किसी भी कोरोना संक्रमित में लक्षण नहीं होना बड़ी बात नहीं है। हो सकता है उसका इम्युनिटी पॉवर बेहद मजबूत हो, लेकिन ऐसा संक्रमित व्यक्ति भी कोरोना फैला सकता है। कोरोना संक्रमित होने के साथ ही उसे 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन हो जाना चाहिए।

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लापरवाही से 35 दिन में हालात बिगड़े
जनवरी में कोरोना न के बराबर थी। हर दिन औसतन 2 से 3 केस मिलते थे। उस महीने संक्रमितों की संख्या 87 थी। फरवरी में यह और कम हो गया। जनवरी की तुलना में फरवरी में संक्रमण का मामला एक चौथाई पर आ गया था। फरवरी में कुल 18 पॉजिटिव हुए थे। मार्च में 28 केस मिले थे। अप्रैल में 200 से ज्यादा केस हर दिन मिले थे। अब मई के यह रफ्तार बढ़कर रोजाना 300 से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो लापरवाही के कारण 35 दिन में ही हालात बिगड़े हैं।

पहली लहर के बाद हालात सुधारने में 5 महीने लगे थे
31 मार्च को थावे के बेदूटोला में पहला केस मिला था। इसके बाद कोरोना की पहली लहर जुलाई से अक्टूबर 2020 तक रही। जुलाई में 752 केस मिले थे। लेकिन तब कोरोना इतना जानलेवा नहीं था। 4 लोगों की मौत हुई थी। लेकिन 2021 में त्यौहार पर लोगों की भीड़ बाजार में बढ़ी तो कोरोना भी बढ़ा। ऐसे में अब चौकसी बेहद जरूरी है।

मई के पांच दिन में 1670 पॉजिटिव
मई में भी कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। दूसरी लहर में दर्द भी दुगना है। लोगों से अपनों का साथ छूट रहा है। अप्रैल महीने की बात करें तो 30 दिन में 3 हजार 474 लोग संक्रमित हुए थे। मई महीने के महज 5 दिन में ही 1670 पॉजिटिव केस आ गए।

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