अनदेखी:जिले में 72 किमी एनएच-28 पर डुमरिया से मिर्जापुर तक गड्‌ढे ही गड्‌ढे, बारिश से उखड़ी कालीकरण

गोपालगंजएक वर्ष पहले
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  • पहले से ही 24 किमी जर्जर था फोरलेन, सतह दलदल होने से परतों में धंसा, 5 साल में ओवरलेंइग के लिए नहीं हो सका टेंडर
  • संतुलन खोकर वाहन डिवाइडर से टकरा जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं

अगर आप एनएच-28 पर सफर कर रहे हैं तो सतर्क रहें। जिले में 72 किमी लंबी यह फोर लेन खस्ता हाल में है। डुमरियाघाट से बरौली के मिर्जापुर तक 27 किमी में 500 से ज्यादा जगहों पर गड्ढे बन गए हैं। तेज बारिश के कारण कई जगहों पर कालीकरण उजड़ गई है। चार साल पहले सतह दलदल होने से 12 किमी में यह हाईवे परतवार धंस चुकी है। नजीजतन जर्जर हो चुकी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की इस परियोजना पर सफर के दौरान हर पल खतरे का अंदेशा बना रहता है।

हाईवे की मरम्मत व ओवरलेईंग के लिए 5 साल में टेंडर तक नहीं हो सका। यूपी के बहादूरपुर पुलिस चौकी से गोपालगंज की सीमा शुरू होती है। इस हाईवे की सीमा बैकुंठपुर के डुमरियाघाट में समाप्त होती है। जिले में 72 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट काॅरिडोर की इस प्रोजेक्ट की हालत क्या है, हम आपको हकीकत दिखा रहे हैं....
ऐसे होते हैं हादसे
रामपुर, सदौवां व बनकट से समीप परतवार सड़क धंसने से हाई स्पीड वाहन चालकों को अंदाजा नहीं मिल पाता। कंपन के कारण वाहन चालकों का स्टियरिंग पर कमांड नहीं हो पाता है। संतुलन खोकर वाहन डिवाइडर से टकरा जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
ये है हाईवे की स्थिति

  • सिधवलिया थाना क्षेत्र के रामपुर में हाईवे की स्थिति हम आपको दिखा रहे हैं। यहां सड़क डेढ़ किलोमीटर में परत दर परत धंसी हुई है। सड़क की यहीं हालत बनकट और सदौवां में 12 किमी तक है। इसका कारण बारिश व बाढ़ के पानी से सतह का दलदल होना बता जाता है।
  • शहर के बंजारी चौक से हजियापुर चौक तक की स्थिति हम आप तक पहुंचा रहे हैं। यहां एक किलोमीटर में सड़क का निर्माण अधूरा है। यहां निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ कर पीसीएल कंपनी भाग खड़ी हुई। पांच साल से निर्माण कार्य अधर में लटका है।
  • अब जरा बरौली के बढ़ेयां ओवरब्रिज पर गौर करें। निर्माण के तीन साल बाद हीं ओवर ब्रिज व उसके आसपास खतरनाक गड्‌ढे बन गए हैं। तीखे खाई के कारण हरपल दुर्घटना की आशंका बनी रती है। फिलहाल यहां भी रिपेयरिंग की उम्मीद नहीं है।

टेंडर की प्रक्रिया चल रही है
हाईवे मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया के अधीन है। अभी समय नहीं बताएंगे कि कब से काम शुरू होगा या कब पूरा होगा? लेकिन सब कुछ जल्दी होगा। -मनोज कुमार पांडेय, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

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