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दहशत:जिले में चमकी बुखार ने दी दस्तक, इलाज के दौरान बच्चे की मौत, जांच रिपोर्ट से होगा साफ

गोपालगंज20 दिन पहले
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  • बच्चे में लक्षण दिखने के बाद बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज किया गया था रेफर

जिले में चमकी बुखार ( दिमागी बुखार) ने दस्तक दे दी है।चमकी बुखार के लक्षण वाले एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई।इसके बाद सीएस ने सभी अस्पतालों को अलर्ट जारी किया है।इसके साथ ही सभी डॉक्टर व कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है।इस साल का यह पहला मामला है। बच्चे की मौत के बाद से ग्रामीण भी दहशत में है। जिस ढाई साल के बच्चे की चमकी बुखार से मौत हुई है वह मूल रूप से बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के दिघवा गांव निवासी मोतीलाल साह का पुत्र गोपाल कुमार उर्फ रोशन कुमार था। तीन सितंबर को उसे गोपालगंज से मुजफ्फरपुर किया गया था रेफर बच्चे के परिजनों ने बताया कि तीन सितंबर को सिर में दर्द और बुखार की शिकायत पर गोपाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए लाया गया था।जहां से उसे सदर अस्पताल गोपालगंज रेफर किया गया। गोपालगंज सदर अस्पताल से उसकी स्थिति को गंभीर देखते हुए मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उसकी मौत हो गई।

सीएस ने सभी डॉक्टर व कर्मियों की छुट्टियां की रद्द, तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग

जांच रिपोर्ट से होगा साफ बच्चे की किस बीमारी से हुई मौत
अस्पताल प्रभारी डॉ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मुजफ्फरपुर से बच्चे की जांच रिपोर्ट जिला मुख्यालय को अभी प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में चमकी बुखार की पुष्टि नहीं की जा सकती है। उधर बच्चे की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। गोपाल अपने माता-पिता का इकलौता संतान था। उसकी मौत के बाद बहन खुशी कुमारी, मां पार्वती देवी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय मुखिया आशा देवी ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए गांव में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

2019 में चमकी बुखार से दो बच्चों की हुई थी मौत
गोपालगंज में जून 2019 में चमकी बुखार से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। इस बार सदर अस्पताल में दो मरीजों के पहुंचने की पुष्टि हुई है, जबकि निजी अस्पतालों से दो मरीज रेफर किए गए हैं। जिसमें सिवान के मुमताज आलम की डेढ़ साल की पुत्री खुशबू निशा बताई जा रही है।

इस तरह का दिखे लक्षण तो चिकित्सक से करें संपर्क
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मंकेश्वर सिंह ने बताया कि चमकी बुखार बेहद घातक बीमारी है।6 माह से लेकर 12 साल तक के बच्चों में यह बीमारी पाई जाती है। लक्षण इस प्रकार हो तो तुरंत डॉक्टर से ले सलाह -मिर्गी जैसे झटके आना , पूरे शरीर में दर्द होना,जी मिचलाना और उल्टी होना,बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस होना और नींद आना,दिमाग का ठीक से काम न करना और उल्टी-सीधी बातें करना,चलने में परेशानी होना या लकवा जैसे लक्षणों का प्रकट होना। इस प्रकार का लक्षण बच्चों में दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले।


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