पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सतर्क रहें:बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं लें कोई भी दवा

गोपालगंजएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
होम आईसोलेशन में राह रहे मरीजों के जानकारी देती मेडिकल टीम। - Dainik Bhaskar
होम आईसोलेशन में राह रहे मरीजों के जानकारी देती मेडिकल टीम।
  • 60 साल से अधिक व गंभीर बीमारी वाले मरीज डॉक्टरों की सलाह पर हीं रहेगे होम आईसोलेशन में

कोरोना मरीजों के बढ़ते तादात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गाइड लाइन जारी किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बिना लक्षण व हल्के लक्षण वाले मरीजों को लेकर स्पष्ट किया है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज बिना किसी डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा का प्रयोग नहीं करें। सोशल मीडिया पर इलाज के तौर तरीकों पर विश्वास न करें। इससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। कोरोना को लेकर घबराएं नहीं। डॉक्टर बताएंगे कि आपको हल्का लक्षण है या लक्षण रहित संक्रमण है। अगर कोई व्यक्ति संक्रमित है तो उसका पूरा परिवार 14 दिन क्वारेंटाइन रहेगा। रोगी की देखरेख के लिए एक व्यक्ति दिनभर रहे। डॉक्टर से लगातार संपर्क में रहें। 60 साल से अधिक उम्र के मरीज जिन्हें बीपी, सुगर, हार्ट व किडनी की बीमारी है तो वे डॉक्टरी सलाह के बाद ही होम आइसोलेशन में रहेंगे। संक्रमित के संपर्क में रहने वाला हर व्यक्ति डॉक्टरी सलाह के बाद एचसीक्यू दवा खाएगा।

होम आइसोलेशन में इलाज
संक्रमित व्यक्ति हमेशा अपने डॉक्टर के संपर्क में रहेंगे । तकलीफ होने पर डॉक्टर से बात करें। संक्रमण के साथ कोई दूसरी बीमारी है तो डॉक्टरी सलाह के बाद उसकी भी दवा जारी रखें।

बुखार नहीं उतर रहा तो फौरन डॉक्टरी सलाह लें
पैरासीटामाल -650एमजी दिन में चार बार लेने के बाद भी बुखार नहीं उतर रहा तो तुरंत डॉक्टर से बात करें। डॉक्टरी सलाह पर स्टेरॉयड का इस्तेमाल करें।

रेमडेसिविर सिर्फ डॉक्टर की निगरानी में लें
नई गाइडलाइन में एक बार फिर कहा है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग रेमडेसिविर का इस्तेमाल न करें। ये डॉक्टर की निगरानी में ही लगेगी। मुंह से खाने वाला स्टेरॉयड हल्के लक्षण में नहीं लेनी है। बुखार और खांसी जैसे संक्रमण के सात दिन बाद भी है तो, डॉक्टर से विमर्श के बाद ही स्टेरॉयड की हल्की डोज ले सकते हैं। पहली बार लक्षण आने के दस दिन बाद मरीज स्वस्थ महसूस कर रहा है तो होम आइसोलेशन खत्म कर सकता है।

खबरें और भी हैं...