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परेशानी बरकरार:लॉकडाउन में कारोबार बंद रहने से चरमराई अर्थव्यवस्था, अतिवृष्टि व बाढ़ ने तोड़ी किसानों की कमर

गोपालगंजएक महीने पहले
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पकहां गांव में बाढ़ से बिगड़े हालात। - Dainik Bhaskar
पकहां गांव में बाढ़ से बिगड़े हालात।
  • बाढ़, बारिश व बीमारी से मची तबाही

जिले के लोगो पर दो साल से आपदा की मार पड़ रही है। वह भी तीन तरफा। यह आपदा बाढ़, बारिश और बीमारी के रूप में लोगों को परेशान कर रखी है। नतीजतन जन जीवन पूरी तरह से बेपटरी हो गई है, वहीं जिले की अर्थ व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई है। यह दूसरा साल है जब जल,थल और आसमान यानी तीनों ओर तबाही का मंजर दिख रहा है। बीमारी की बात करें तो कोरोना के मामले में जिला सूबे के सर्वाधिक संक्रमित जिलों की सूची में आठवें पायदान पर रहा।

लॉकडाउन के कारण रोजाना 2 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। नौकरी-पेशा वाले भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। आसमानी आफत की बात करें जिले में दो साल से अतिवृष्टि हो रही है। हर साल बारिश रिकार्ड तोड़ रही है। इस बार मई में औसत से पांच गुना तो जून में दो गुना ज्यादा बारिश हो चुकी है। इससे खेती का नुकसान हो सकता है। तीसरी आपदा बाढ़ की है।

आपको बता दें कि पिछले साल बांध टूटने से चार प्रखंड के 230 गांवों में जल सैलाब से तबाही हुई थी। करीब 40 हजार हेक्टेयर में फसलों का नुकसान हुआ था। इस बार साल पहला मौका है जब गंडक नदी 15 जून से ही उफान पर है। 20 दिनों से नदी दियारे के 42 गांवों में तबाही मचा रही है। खबर में देखिए, किस कदर लोगों पर आपदा की तिहरी मार पड़ रही है

जल... बाढ़ की विभिषिका
साल 1997 से 2020 के बीच जिले में 7 बार बांध टूटे थे। समय पर गौर करें तो अमूमन 20 जुलाई के बाद ही बाढ़ की स्थिति बनती है। लेकिन इस बार परिस्थितियां उलटा पड़ गई है। 15 जून से ही नदी उफान पर है। 16 जून से दियारे के बाद की तबाही है। 15 जुलाई से ही पानी का डिस्चार्ज 4 लाख क्यूसेक को पार गया। इससे 42 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ के पानी में डूबने से 3 लोगों की जान गई है। दियारे के खेतों में पानी बहने से करीब 14 हजार हेक्टेयर में फसलें डूबी हुई है। इससे किसानों के समक्ष एक बार फिर से अनाज भंडारण की कमी हो सकती है।

आसमान... हर दिन आफत की बारिश
साल 2020 की तरह इस बार फिर से मानसून मजबूत स्थिति में है। रोज आसमान से आफत बरस रहा है। पिछले साल अतिवृष्ट हुई थी, लेकिन जुलाई और सितंबर के महीने में हीं। इस बार मई से ही अतिवृष्टि ही रही है। जिले में मई का सामान्य वर्षापात 34.1 मिमी के मुकाबले 5 गुना ज्यादा यानी 203.2 मिमी बारिश हुई थी। जून महीने का सामान्य वर्षापात 172.8 मिमी है। इसके एवज में दो गुना ज्यादा 340.4 मिमी बारिश हुई थी। वहीं जुलाई महीने का औसत वर्षापात 314.1 है। इसके एवज में अब तक 30 मिमी बारिश हो चुकी है। यानी 4 दिन में ही महीने के कोटे का 10% बारिश हो चुकी है। इससे किसानों के खेत में लगी धान के डूब हए है। वहीं इस बरसात विभिन्न जगहों पर आसमानी बिजली गिरने से जिले में 6 लाेगों की मौत भी हो गई है।

सतह... कोरोना का कहर
जिले में अप्रैल से लेकर अब तक कोरोना संक्रमण के 10 हजार 672 मामले आ चुके हैं। सूबे के सर्वाधिक संक्रमण वाले जिलों की सूची में गोपालगंज अब 8 वें नंबर पर पहुंच गया है। वायरस की चपेट में आने से 73 लोगों की जानें गई। संक्रमितों में से 10 हजार 580 लोग रिकवर हो चुके हैं। अभी एक्टिव मरीज 19 हैं। अप्रैल और मई में लॉकडाउन के कारण जिले में 150 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ। दूसरे राज्यों में नौकरी करने वाले जिले के 70 हजार से ज्यादा युवा बेरोजगार होकर घर बैठ गए है। इससे दूसरे देशों व प्रदेशों से पैसों की आवक कम हो गई है।

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