प्रशासन अनजान:जिले में किराया निर्धारण के बाद भी यात्रियों से बस संचालक वसूल रहे हैं तय से दोगुना किराया

गोपालगंज9 दिन पहले
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तय किराया से अधिक वसूली - Dainik Bhaskar
तय किराया से अधिक वसूली
  • परिवहन विभाग ने नया यात्रा दर का चार्ट बस संचालकों को जारी कर दिया है, लेकिन संचालक नहीं मान रहे

परिवहन विभाग द्वारा नया यात्रा दर निर्धारित किया गया है। दर का चार्ट बस संचालकों के बीच जारी कर दिया गया है। लेकिन जिले के बस संचालक खुलकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहें है। संचालकों द्वारा तय दर से 2 से 3 गुणा अधिक भाड़ा वसूला जा रहा है। जिनको रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। मजबूरन लोगोंं को तय कीमत से अधिक भाड़ा देकर सफर करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन एवं जिला परिवहन विभाग संचालकों पर कार्रवाई करने की बजाय इन चीजों से अनजान बनी बैठी है। शुक्रवार को मामले की पड़ताल करने पर पता चला की बस संचालक तय दर से तीन गुणा अधिक किराया वसूल रहें है। नए नियमों के अनुसार साधारण बस में प्रति किलोमीटर 90 पैसे एवं एक्सप्रेस में 95 पैसे की दर तय की गई है। जबकि 02 से 03 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया वसूला जा रहा है।

विरोध करने पर कहते हैं दूसरे वाहन से चले जाइए
शुक्रवार को शहर के बंजारी,अरारमोड व राजेन्द्र बस स्टैड पर बस पड़ताल के दौरान सफर करने वाले दर्जनों लोबस ऑटो में बैठी रानी कुमारी ने कहा कि उनसे 30 रुपए किराया लिया गया है। जबकि पहले 20 रुपए ही किराया था। भोरे बस से आए राधेश्याम सिंह एवं रामकृष्ण कुमार ने बताया कि उनसे 50 रुपए भाड़ा लिया गया है। जबकि पहले 30 रुपए ही किराया था। वहीं पटना से लौटे विकास कुमार ने बताया कि 400 रूपया किराया लिया गया है। जबकि किराया 250 रुपए लगते थे। वहीं गोपालगंज से जा रहे युवक आलोक कुमार ने बताया कि पहले गोरखपुर का किराया 125 रूपया था। लेकिन उनसे तय कीमत से दो गुणा 170 रुपए लिया जा रहा है। यात्रियों ने बताया कि पूछने पर कंडक्टर कहता है भाड़ा वही लगेगा, जो मांग रहे हैं। अन्यथा दूसरे वाहन से चले जाइए।

गाइडलाइन बना मखौल
सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा सार्वजनिक वाहनों में 50 प्रतिशत लोगों को ही बैठाने की अनुमति प्रदान की गई है। वाहनों को सेनेटाइजर करने और मास्क की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन कराने का आदेश दिया गया है। लेकिन नियमों के पालन को लेकर प्रबंधन गंभीर है। ना ही लोग अपनी जान की कीमत समझ रहें है। ऊपर से वाहनों में ठूंस के यात्रियों को बैठा रहें है।

विरोध करने पर कहते हैं दूसरे वाहन से चले जाइए
शुक्रवार को शहर के बंजारी,अरारमोड व राजेन्द्र बस स्टैड पर बस पड़ताल के दौरान सफर करने वाले दर्जनों लोबस ऑटो में बैठी रानी कुमारी ने कहा कि उनसे 30 रुपए किराया लिया गया है। जबकि पहले 20 रुपए ही किराया था। भोरे बस से आए राधेश्याम सिंह एवं रामकृष्ण कुमार ने बताया कि उनसे 50 रुपए भाड़ा लिया गया है। जबकि पहले 30 रुपए ही किराया था। वहीं पटना से लौटे विकास कुमार ने बताया कि 400 रूपया किराया लिया गया है। जबकि किराया 250 रुपए लगते थे। वहीं गोपालगंज से जा रहे युवक आलोक कुमार ने बताया कि पहले गोरखपुर का किराया 125 रूपया था। लेकिन उनसे तय कीमत से दो गुणा 170 रुपए लिया जा रहा है। यात्रियों ने बताया कि पूछने पर कंडक्टर कहता है भाड़ा वही लगेगा, जो मांग रहे हैं। अन्यथा दूसरे वाहन से चले जाइए।

हर चीज को देखकर भाड़ा निर्धारित
प्रशासनिक स्तर से जिले के सभी जगहों के लिए सभी चीजों को देखते हुए किराया निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभाग के तरफ से विभिन्न जगहों पर रेट चार्ट लगाए गए थे। लेकिन उसे असमाजिक तत्वों ने फाड़कर फेंक दिया है। जिससे लोगों को रेट की जानकारी नहीं हो रही है। प्रशासन का दावा है कि परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित किराया से अधिक लेने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इन चीजों की जवाबदेही स्थानीय प्रशासन की भी है। अगर ऐसे शिकायत मिल रहें है तो एसडीओ, सीओ या आरटीओ को भी इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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