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गंडक की तबाही:60 गांवों में बाढ़, निचले क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा पानी

गोपालगंजएक महीने पहले
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  • बरौली के सलेमपुर में रिटायर्ड जमींदारी बांध और बैकुंठपुर के दीपऊ में स्लुईश गेट के पास बन रहा दबाव

गंडक के निचले हिस्से में बीते तीन दिनों बाढ़ की तबाही है। बाल्मीकि नगर डैम से ज्यादा मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद कुचायकोट के अहिरौली दान से बैकुंठपुर के प्यारेपुर के बीच करीब करीब 60 गांवों की हालत बिगड़ गई है। 2 हजार से ज्यादा घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ज्यादातर बसावटों में 3 से 4 फूट पानी बह रहा है। ग्रामीण अपने घरों को छोड़ कर तटबंधों पर शरण लिए हैं। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि गुरुवार की सुबह से हर घंटे बाढ़ का पानी उपर उठ रहा है।

कुचायकोट, सदर प्रखंड, मांझा, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर के 40 गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। जान जोखिम में डाल कर लोग घरों के सामान सुरक्षित स्थन पर पहुंचा रहे हैं। अहिरौली दान से आशा खैरा तक 72 किमी में 13 जगह तटबंध पर नदी का प्रेशर बना है। हालांकि सर्वाधिक दबाव का क्षेत्र बरौली के सलेमपुर रिटायर्ड जमींदारी बांध व बैकुंठपुर के दीपऊ में स्लुईश गेट के पास बना है। बीती शाम यहां लीकेज की सूचना पर बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा रिसाव कंट्रोल किया गया।
लीकेज कंट्रोल करने के लिए इंजीनियरों की टीम लगाई गई
बरौली के सलेमपुर गांव के समीप रिटायर्ड जमींदारी बांध पर दो दिन पहले बाढ़ का पानी ओवर टॉप कर रहा था। हालांकि डैम से डिस्चार्ज लेवल कम होने के बाद पानी का फ्लो रूक गया है। लेकिन यहां दबाव की स्थिति बनी हुई है। वहीं बीती शाम बैकुंठपुर के दीपऊ पकड़ी गांव के समीप अत्यधिक दबाव के कारण स्लुईश गेट से पानी का रिसाव होने लगा था। मौके पर पहुंचकर डीएम व एसपी ने लीकेज कंट्रोल करने के लिए इंजीनियरों की टीम लगाई। अभी रिसाव बंद है, लेकिन पान का दबाव बरकरार है।

सड़कों पर 3 फीट से ज्यादा पानी : गाेपालगंज, मांझा, बरौली, सिधवलिया व बैकुंठपुर प्रखंड के 200 गांवों काे प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली 40 से ज्यादा सड़कों पर पानी का तेज बहाव है। इनमें से कई सड़कें खाई में तब्दील होकर जानलेवा बन गई हैं। मांझा के निमुईयां-मुंगराहा पथ पानी में बह गया है। वहीं बैकुंठपुर के सीलतपुर में पुलिया बह जाने से आवाजाही बंद है।

आज से कम होगा जलस्तर
बाल्मीकि नगर डैम से शुक्रवार को 1 लाख 58 हजार 800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि दो दिनों से नदी के डिस्चार्ज लेवल में लगातार गिरावट आ रही है। दो दिन में 2ङ50 लाख क्यूसेक पानी कम हुआ है। डैम के अधिकारियों ने बताया कि बराज में निरंतर पानी कम हो रहा है। नतीजतन आज से नदी के तेवर में काफी नरमी आने की संभावना है।

पानी जमने से साधनापूरी मोहल्ले के लोग परेशान
मीरगंज| विगत हफ्ते से लगातार बारिश से मीरगंज शहर के साधनापुरी मोहल्ले में घुटने भर पानी भर गया है। जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हालत यह है कि लोग दैनिक कामों के लिए हाथों में छड़ी लेकर घुटने भर पानी के बीच पैदल चलने को मजबूर है। जलजमाव से जूझ रहे नगरवासियों के शिकायत के बावजूद नगर परिषद के द्वारा इसका समाधान ना होने से रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस मामले को लेकर पूर्व में भी कई बार नगर परिषद को इस जलजमाव की समस्या से अवगत करवाया जा चुका है। जलजमाव से संक्रमण होने का डर है। बचाव को लेकर नगर परिषद को कदम उठाना चाहिए। जलजमाव से मलेरिया, डेंगू और कई बिमारी पनपने के संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता हैं।

महिलाओं को हो रही सर्वाधिक परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी यहां व्यापार मंडल के पीछे हो रहा है।इस रास्ते से जाने में लोगों का हालत खराब हो जा रहा है। खास कर महिलाएं पानी में जाने से अपने को शर्मसार महसूस कर रही है। इस मोहल्ला में नालियों के निर्माण नहीं होने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। समुचित जल निकास की व्यवस्था नहीं होने से मोहल्ले के लोग पिछले एक दशक से परेशान है। लोग इस समस्या को नियति मान लिए है लेकिन जब बरसात शुरू होता है तो लोगों का सब्र टूटने लगता है। इससे निकलने वाले दुर्गंध से लोग नाक बंद कर जाने को मजबूर हैं।

कई इलाके में भर गया है पानी| शहर में इसके अलावे कचहरी रोड, पोस्ट ऑफिस रोड, भगाड़ के पास, हथुआ मोड़ से बाजार जाने वाले रोड में, प्रज्ञा नगर आदि स्थानों पर भी जलजमाव की समस्या बनी हुई है ।
समस्या का जल्द होगा समाधान| नगर के कार्यपालक पदाधिकारी केशव गोयल का कहना है कि जलजमाव वाले इलाके को चिन्हित कर जल निकास की व्यवस्था की जा रही है| समस्या का समाधान जल्दी कर लिया जाएगा।

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