धर्मिक आयोजन:13 को चांद दिखा तो 14 से होगा माह-ए-रमजान, घरों में ही पढ़ी जाएगी नमाज

गोपालगंज8 महीने पहले
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इस साल रमजान व चैती नवरात्र का पर्व एक साथ शुरू हो रहा है। 13 अप्रैल को चांद दिखने की उम्मीद है। 13 अप्रैल को चांद दिखा तो 14 अप्रैल से पाक रमजान महीने की शुरुआत होगी, लेकिन पिछले साल की तरह इस साल भी मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े पर्व रमजान पर कोविड-19 का साया पड़ता दिख रहा है।

सरकार और जिला प्रशासन के द्वारा कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 30 अप्रैल तक सभी धार्मिक स्थलों पर पूजा-पाठ पर पाबंदी लगा दी है। इस कारण से रमजान के शुरुआती 17 रोजे में सार्वजनिक नमाज पर पाबंदी रहेगी। लोगों को अपने घरों में ही रमजान में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तराबीह ही पढ़नी होगी। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को लेकर जारी गाइडलाइन के बाद नगर काजी मो. अरशद कासमी, अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष हुसैन इमाम और जमायते उलेमा ए हिन्द के सचिव अहमद हुसैन ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से रमजान के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की अपील की है। साथ ही उनसे पिछले साल की तरह घरों में नमाज अदा करने की अपील की है। इसबार रमजान में होंगे चार जुम्मे के नमाज: इस बार रमजान में 4 जुमा, सबसे छोटा रोजा 14 घंटे 5 मिनट तो सबसे बड़ा रोजा 14 घंटे 48 मिनट का होगा। अगर 14 अप्रैल से रमजान का महीना शुरू होता है तो इस साल रमजान महीने में 4 जुमा होगा। यानी रमजान महीने की शुरुआत ही बुधवार से होगी और तीसरा रोजा जुमा होगा। इस बार गर्मी के महीने में रमजान शुरू होने के कारण से रोजा का समय भी अधिक रहेगा। जानकारी के अनुसार इस साल अधिकांश रोजा 14 घंटे से ज्यादा समय का रहेगा। गुनाहों से बचने की सीख देता है रमजान: जामा मस्जिद के मौलाना मो.कैय्युम बताते हैं कि रमजान का महीना हमें गुनाहों से बचने और भलाई के रास्ते पर चलने की सीख देता है। पूरे महीने के रोजे का फर्ज है। रोजे के मायने केवल भूखे-प्यासे नहीं रहना है। बल्कि खुद को हर उस बात से रोकना है,जिससे किसी को तकलीफ पहुंचती हो।उन्होंने कहा कि जुबान से किसी की बुराइयां या ऐसी बात ना बोले जो किसी को बुरी लगे।

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