गोपालगंज में मौत पर भारी शराबबंदी कानून:पुलिस के डर से लोग सामने नहीं आ रहे, स्थिति गंभीर होने पर सीधे अस्पताल जा रहे

गोपालगंजएक महीने पहले

गोपालगंज के विभिन्न इलाकों में जहरीली शराब से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी कई लोग शराबबंदी कानून के डर से सामने नहीं आ रहे हैं। उन्हें गिरफ्तारी का डर है। वहीं, DM डॉ. नवल किशोर चौधरी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि डरें नहीं, सामने आए और अस्पताल में जांच कराएं। इसके बावजूद लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 50 लोगों के जहरीली शराब पीने की सूचना है। बाकी लाेग बाहर नहीं आ रहे हैं। जब स्थिति गंभीर हो रही है तो लोग अस्पताल का रुख कर रहे हैं। तब तक देर हो जा रही है और मौत हो रही है। कई ऐसे परिवार हैं, जो मौत के बाद प्रशासन को सूचना दिए बिना उनका अंतिम संस्कार कर रहे हैं। इसका आंकड़ा प्रशासन के पास नहीं हो पाता है और उन्हें सरकारी मदद से वंचित भी होना पड़ रहा है।

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मंगलवार को जहरीली शराब पीने से पहले 3 लोगों की मौत हुई थी। इसमें एक व्यक्ति का बिना किसी के बताए दाह संस्कार कर दिया गया। धीरे-धीरे यह आंकड़ा 18 हो गया। इनमें 11 मृतकों का जिला प्रशासन ने पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिनमें 7 मृतकों का दाह संस्कार जिला प्रशासन को बिना सूचना दिए कर दिया गया।

आरोपी रामानंद राम की भी स्थिति गंभीर

जहरीली शराबकांड सामने आने के बाद उत्पाद और पुलिस की टीम ने विभिन्न जगहों पर छापेमारी की। महम्मदपुर की दलित बस्ती में छापेमारी कर रामानंद राम के घर को देसी शराब बरामद कर सील कर दिया।

वहीं, आरोपी रामानंद राम और उसके पुत्र देवेंद्र राम की भी शराब पीने के बाद स्थिति गंभीर हो गई। उसे परिजनों ने तत्काल मोतिहारी सदर अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, उसी गांव के निवासी स्व. चंद्रिका राम के पुत्र मुकेश राम की शराब पीने से मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर उसके घर से देसी शराब बरामद की और उसके घर को सील कर दिया।

रिपोर्ट : अटल बिहारी पांडेय।