त्योहार:भगवान भास्कर का मकर राशि में हुआ प्रवेश

गोपालगंज6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • शुभ मुहूर्त में स्नान दान करने पर मिलता है विशेष फल, आज के बाद शुभ कार्य किए जा सकेंगे

इस बार मकर संक्रांति का त्यौहार पौष शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 15 जनवरी शनिवार को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान भास्कर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर उत्तर पथगामी हो जाएंगे। इसके साथ ही खरमास भी समाप्त हो गया। उक्त जानकारी पंडित रंजन उपाध्याय ने दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम से ही सूर्य मकर राशि मे प्रवेश कर गए है। संक्रांति से ही प्रयाग में कल्पवास और माघी स्न्नान भी शुरू होगा। इसके साथ ही 15 जनवरी से शुद्धारम्भ होगा। इस दिन से ही वैवाहिक लग्न और अन्य शुभ कार्य किए जा सकेंगे। पंडित ने बताया कि आम तौर पर शुक्र का उदय भी लगभग इसी समय होता है, इसलिए यहां से शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।

सूर्य को अर्घ्य देने से होगा विशेष लाभ
पंडित ओम शास्त्री ने बताया कि इस दिन सुबह दैनिक क्रियाकलाप के बाद स्नान कर लोटे में लाल फूल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्ध्य दें। सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें। इस दिन भगवान सूर्य के साथ-साथ भगवान गणेश, माता लक्ष्मी व भगवान शिव की भी पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और मनुष्य का सोया भाग भी खुल जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिन श्रीमदभागवत का एक अध्याय या गीता का पाठ करें। नए अन्न, तिल, घी आदि का दान करना अति शुभ है।

बाजारों में खरीदारी हुई
शुक्रवार को मकर संक्रांति को लेकर लोगों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया। बाजार में चूड़ा व तिलकुट के दुकानों पर भी भीड़ देखी गई। जबकि लोगों के घरों से गर्म गुड़ की सोंधी खुशबू भी निकलने लगी थी

मकर संक्रांति का शुभ स्नान मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:38 से 06:26 तक
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:46 से दोपहर 12:29 तक
  • विजय मुहूर्त- दोपहर 01:54 से 02:37 तक
  • अमृत काल- शाम 04:40 से 06:29 तक
  • गोधूलि बेला- शाम 05:18 से 05:42 तक रहेगा

मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त

  • मकर संक्रांति पुण्य काल-दोपहर 02:43 से 05:45 तक
  • पुण्य काल की अवधि- 03 घंटे 02 मिनट
  • महा पुण्य काल- दोपहर 02:43 से रात्रि 04:28 तक
खबरें और भी हैं...