परेशानी:ठंड में सब्जी की फसलों पर झुलसा रोग का प्रकोप बढ़ा

गोपालगंज3 दिन पहले
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  • जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा- किसानों ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो फसल बर्बाद हो सकती है

जनवरी माह मौसम रबी की फसल के लिए अच्छी है। इस मौसम में गेहूं से लेकर गन्ना के पौधे का तेजी से विकास होता है। रबी की फसल के लिए सही समय माने जाने वाले इस मौसम में किसानों को सतर्क भी रहना होगा। कड़ाके की ठंड में खास कर सब्जी की फसलों पर झुलसा रोग का प्रकोप बढ़ जाता है। पिछले कई दिन से सर्द हवाओं के साथ बढ़ रही ठंड तथा आसमान में कोहरे रहने के कारण सब्जी की फसलों पर झुलसा रोग का असर भी दिखने लगा है। ऐसे में किसान समय रहते हुए दवाइयों का छिड़काव कर सब्जी की फसलों को झुलसा रोग के असर से बचा सकते हैं। किसानों को जागरूक करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी डॉ वेद नारायण सिंह ने कहा कि किसानों ने समय रहते इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो उनकी फसल बर्बाद हो सकती है।

झुलसा रोग का दिखने लगा असर|पिछले एक सप्ताह से जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आसमान में कोहरे का चादर के कारण खिल कर धूप नहीं निकलने के कारण अब सब्जी की फसल पर झुलसा रोग का असर दिखने लगा है। हालांकि अभी झुलसा रोग का असर शुरुआती चरण में है। ऐसे में किसान दवाइयों का छिड़काव कर अपनी सब्जी की फसल को इस रोग से बचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी मौसम रबी की फसलों के लिए अनुकुल समय है।

रिडोमिल दवा का करें उपयोग
उन्होंने बताया कि अगर सब्जी की फसल पर झुलसा रोग का असर दिखे तो प्रति कट्टा के ढाई एमएल डाईइथेन एम 45 का दस लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। छिड़काव करने से झुलसा रोग का असर खत्म हो जाता है। अगर सब्जी की फसल पर झ़लसा रोग का प्रकोप अधिक दिखे तो किसानों को प्रति ढाई कट्ठा में ढाई एमएल रिडोमिल दवा का दस लीटर में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह समय गेहूं की फसल की सिंचाई कर यूरिया डालने का भी है। गेहूं की फसल की बोआई के बाद सिचाई करने के बाद प्रति कट्टा एक किलो यूरिया का छिड़काव करना चाहिए। इससे पौधे का तेजी से विकास होता है तथा फसल पर पाला का असर कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि सिचाई के बाद खेत में नमी कम होने के बाद खरपतवार नाशक दवा टोटल का छिड़काव करना चाहिए। सिंचाई के बाद खेत में तेजी से खरपतवार निकलता है। दवा के छिड़काव से खरपतवार नष्ट हो जाते हैं। जिससे आगे चलकर अच्छी पैदावार होगी।

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