रक्षाबंधन आज:इसबार दिनभर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

गोपालगंज5 महीने पहले
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राखी की खरीदारी करती बहनें - Dainik Bhaskar
राखी की खरीदारी करती बहनें

आज रक्षाबंधन है। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया भी नहीं है। इसलिए दिन भर राखी बंधवा सकते हैं। इतना ही नहीं इस बार राखी पर दो दुर्लभ संयोगों की श्रृंखला भी बन रही है, जो सबके लिए लाभदायक साबित होगी। गोपालपुर निवासी आचार्य अभिनव सिद्धांत कान्हाजी महाराज ने बताया कि रविवार की सुबह से लेकर शाम 5: 58 बजे तक राखी का शुभ मुहूर्त है। पूर्णिमा तिथि एक दिन पूर्व शनिवार को लग गई है। रविवार को शाम तक रहेगी। इसलिए उदयातिथि रहने के कारण 22 अगस्त को यह त्यौहार मनाया जाएगा। इस बार रक्षा बंधन पर धनिष्ठा और शोभन योग बन रहे हैं। इन दोनों योग बनने के कारण पर्व का शुभफल ओर भी बढ़ जाएगा। पूर्णिमा के दिन शोभन योग को ज्योतिष शास्त्र में उत्तम संयोग माना गया है।

रक्षाबंधन पर बन रहा धनिष्ठा और शोभन महासंयोग, ज्योतिषियों के अनुसार सबके लिए फलदायी

जानिए... खास मुहूर्त
आज सुबह 10 बजकर 34 मिनट तक शोभन योग रहेगा। यह योग शुभ फलदायी होता है। इसके साथ ही रात 07 बजकर 40 मिनट तक धनिष्ठा योग रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार शोभन योग को शुभ कार्यों और यात्रा पर जाने के लिए उत्तम माना गया है। मान्यता है कि इस योग में शुरू की गई यात्रा मंगलमय एवं सुखद रहती है। वही धनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक बहुमुखी प्रतिभा और बुद्धि के धनी होते हैं।

पूरे दिन बांधी जा सकेगी राखी
रक्षाबंधन में मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। भद्रा काल में राखी नहीं बांधी जाती है, क्योंकि भद्रा काल को अशुभ माना गया है। इस बार भद्रा काल का अंश पर्व पर नहीं होने से पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी। पंचांग के अनुसार भद्रा काल रक्षाबंधन के अगले दिन 23 अगस्त को सुबह 5:34 बजे से सुबह 6:12 बजे तक रहेगा।

रक्षाबंधन का मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : शनिवार शाम 3:45 से
पूर्णिमा तिथि समाप्त : रविवार शाम 5:58 तक
राखी का ब्रह्म मुहूर्त : 04:33 से 05:21 तक
राखी का अमृत काल : सुबह 9:34 से 11:07 तक
राखी अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:04 से 12:58
दोपहर का उत्तम समय : 1:44 से 4:23 बजे तक

शोभन योग में राखी बांधना अच्छा

  • इस बार राखी के पर्व पर शोभन योग सुबह 6: 15 से 10:35 बजे तक रहेगा। शोभन योग में सवा चार घंटे तक राखी बांधना श्रेष्ठ रहेगा।
  • रक्षासूत्र बांधते समय श्लोक बोलें
  • येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
  • तेन त्वां अभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
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