सजा:हत्या के मामले में मां, बेटी समेत तीन को मिली आजीवन कारावास की सजा

गोपालगंज2 महीने पहले
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हत्या के मामले में कोर्ट ने मां,बेटी समेत तीन को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुंजन पांडेय की कोर्ट ने सभी गवाहों की गवाही और दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया।इसके साथ ही सभी पर 20-20 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर सजा बढ़ जाएगी।
28 जुलाई 2016 को घटित हुई थी घटना
जानकारी के अनुसार थावे थाने के उदंत राय के बंगरा गांव के रघुनाथ भगत 28 जुलाई 2016 को घर से मवेशी को चराने के लिए गांव के बाहर जा रहे थे। इसी बीच इसी गांव के कुछ लोग उनसे उलझ गए। घटना की जानकारी होने के बाद रघुनाथ भगत के पुत्र जयप्रकाश भगत मौके पर पहुंचकर झगड़ा को समाप्त करा दिए।लेकिन कुछ ही देर के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने जयप्रकाश भगत पर चाकू व लाठी-डंडे से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पांच लोगों पर दर्ज हुई थी एफआईआर
घटना को लेकर रघुनाथ भगत के बयान पर थावे थाने में कांड संख्या 95/2016 दर्ज कराई गई थी।इसमें उसी गांव के रामटहल प्रसाद, छठिया देवी, काली देवी, लाली देवी व चंदन कुमार को नामजद आरोपित बनाया गया था। इस मामले में रामटहल प्रसाद, छठिया देवी तथा काली देवी को छोड़कर शेष दो आरोपित फरार घोषित कर दिए गए। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद इस मामले में तीन आरोपितों के विरुद्ध सत्र न्यायालय में सुनवाई प्रारंभ हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्य के आधार पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय के न्यायालय ने रामटहल प्रसाद, उनकी बहन काली देवी और मां छठिया देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक रमन चंद्र मिश्रा तथा बचाव पक्ष से अधिवक्ता अशोक सिंह ने बहस किया।

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