आफत / नेपाल में बारिश से गंडक में पानी बढ़ा, नदी का लेवल 15 सेंमी ऊपर आया, 18 गांवों के लोग कर रहे पलायन

Water in Gandak increased due to rain in Nepal, river level rose 15 cm, people from 18 villages are migrating
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Water in Gandak increased due to rain in Nepal, river level rose 15 cm, people from 18 villages are migrating

  • बाल्मीकिनगर डैम से छूटा 1 लाख 4 हजार क्यूसेक पानी, 4 सेंटीमीटर बढ़ा गंडक का जलस्तर,आज पहुंचेगा फिर पानी
  • प्यारेपुर से लेकर डुमरियाघाट तक 26 किलोमीटर तटबंधों पर पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 05:45 AM IST

गोपालगंज. नेपाल में पिछले तीन दिनों से मध्यम दर्जे की बारिश  हो रही है। इस कारण दो दिनों से गंडक का जलस्तर बढ़ रहा है। रविवार से बाल्मीकि नगर डैम से पानी डिस्चार्ज बढ़ गया है। हालांकि डिस्चार्ज लेवल अभी 1 लाख क्यूसेक के आसपास है। बावजूद जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।  5 दिन पहले एक फूट नीचे उतर चुकी गंडक की धारा में 20 से 30 सेंटी मीटर तक रोजाना उतार-चढ़ाव हो रहा है। एक बार फिर से जिले में नदी का लेवल 15 सेंटीमीटर बढ़ गया है। नेपाल बराज से मंगलवार को 1 लाख 3 हजार 700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।  
डेंजर प्वाइंट से नीचे है नदी
 जिले में गंडक नदी डेंजर प्वाइंट से काफी नीचे है। सदर प्रखंड के पतहरा व मशान थाना में नदी का जलस्तर में खतरे के निशान से 32 सेंटी मीटर नीचे बह रही है। बैकुंठपुर के मूंजा में खतरे के निशान से 26 सेंमी नीचे है।
आज पहुंचेगा डिस्चार्ज
 बाल्मीकि नगर डैम से छोड़े पानी को जिले की सीमा में पहुचने में 15 से 16 घंटे का समय लगता है। गंडक नदी में 1.04 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज मंगलवार की सुबह  8 बजे किया गया। बुधवार की सुबह 4 बजे से जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।

पलायन की तैयारी में ग्रामीण
पिछले तीन दिनों से डिस्चार्ज लेबल एक लाख क्यूसेक से अधिक होने की स्थिति में नदी अपने खौफनाक रूप में दिख रही है। जिले के सर्वाधिक लो-लैंड में बसे बैकुंठपुर प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ की आशंका से ग्रामीण सहम गए हैं। नदी के निचले हिस्से में बसे बैकुंठपुर और सिधवलिया प्रखंडों के 18 गांवों के लोग पलायन की स्थिति में है।
26 किमी में पेट्रोलिंग तेज
बढ़ते जलस्तर को देखकर बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। प्यारेपुर से लेकर डुमरियाघाट तक 26 किलोमीटर तटबंधों पर पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन द्वारा प्रतिनियुक्त होमगार्ड के जवान भी तटबंधों पर कैंप कर रहे हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता राकेश कुमार चौधरी ने बताया कि नदी के जलस्तर में आंशिक रूप से बढ़ोतरी हो रही है। बावजूद निचले हिस्से में बसे गांव एवं तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।

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