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राष्ट्रीय पोषण माह:कुपोषण का फूंका पुतला, बढ़ा रहे जागरुकता

हरनौत12 दिन पहले
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  • 1 से 30 सितम्बर तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा

जिले में 1 से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों द्वारा लोगों को विभिन्न तरह की गतिविधियों का आयोजन के माध्यम से लोगों को पोषण के प्रति जागरुक किया जा रहा है। लोगों को कुपोषण से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत किया जा रहा है। सेंटर फॉर कैटेलाइजिंग चेंज की चैंपियन परियोजना द्वारा भी प्रखंड में पूर्व महिला वार्ड सदस्यों के माध्यम से विभिन्न तरह की गतिविधि आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में महिलाओं द्वारा कुपोषण का पुतला फूंककर पोषण की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट कराया गया। कलस्टर को-ऑर्डिनेटर रौशन कुमार ने बताया कि आयोजित की जा रही गतिविधियों में गर्भवती व धात्री महिलाओं को स्थानीय स्तर पर पोषक तत्व प्राप्ति के साधन व तरीके बताने के साथ साथ कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने का काम भी किया जा रहा है। लोगों को यह बताया जा रहा है कि किस तरह से घर के आसपास की खाली जमीन पर मौसमी फल-सब्जियों की खेती कर सकते हैं। इसे ही पोषण वाटिका का रूप दिया जा सकता है। इसके लिए जैविक खेती बेहतर विकल्प है।

15 सितम्बर तक योग व आयुष को थीम बनाया गया
रौशन ने बताया कि एक हजार सुनहरे दिन के माध्यम से महिला के गर्भावस्था शुरू होने से लेकर प्रसव के बाद शिशु के संपूर्ण टीकाकरण तक के लिए प्रेरित किया जाता है। साथ ही तीज की टोकरी की सहायता से भी विभिन्न प्रकार के फलों के सेवन से मिलने वाले पोषण को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इसी माह में आठ से 15 सितम्बर तक योग व आयुष को थीम बनाया गया है।

महिलाओं को जागरूक कर ही जीतेंगे लड़ाई
किशोरियों को आयरनयुक्त भोजन के लिए माता-पिता को पत्र लिखने, गर्भवती महिलाओं को उचित पोषण के लिए भोजन प्रतियोगिता का आयोजन करने, आयरन की गोली और सिरप का वितरण, पोषण क्विज और कक्षा का आयोजन करना मुख्य है। पोषण क्विज और कक्षा का विषय एनीमिया का प्रबंधन, साफ-सफाई और उचित आहार है। महिलाओं को जागरूक कर ही कुपोषण के खिलाफ चल रहे लड़ाई को जीता जा सकता है। इस दिशा में काम किया जा रहा है।

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