सोमवार से महानुष्ठान:छठ महापर्व की तैयारी शुरू, नहाय-खाय कल

हरनौत25 दिन पहले
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छठ के लिए बनाये गये चूल्हे। - Dainik Bhaskar
छठ के लिए बनाये गये चूल्हे।
  • तैयार किए जा रहे छठ घाट, अधिकारी निरीक्षण कर दे रहें निर्देश

लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी जोर शोर से की जा रही है। खासकर वैसे जलस्त्रोत जहां छठ पूजा के मौके पर डूबते व उगते सूर्य को व्रती अर्घ्य देते हैं। वहां चार दिवसीय महापर्व के लिए तैयारियां अंतिम चरण में है। साफ सफाई सहित व्रतियों की सुविधा के लिए सभी जरूरी तैयारी की जा रही है। जल स्त्रोतों की सफाई कर अर्घ्य अर्पण करने योग्य बनाया जा रहा है। पूजा का प्रसाद तैयार करने के लिए व्रतियों ने मिट्टी के चूल्हे बनाये हैं। उन्हें धूप में सुखाने का काम भी जारी है। साथ ही प्रसाद बनाने के लिए अरवा चावल, चना का दाल, गेंहू आदि को भी अच्छी तरह से धो कर सुखाया जा रहा है। इसकी निगरानी भी की जा रही है ताकि कोई पशु पक्षी इसे जूठा न कर दे। सोमवार को नहाय-खाय से लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व की शुरुआत हो रही है। प्रसाद बनाने को चूल्हे में आम का जलावन शुद्ध माना जाता है। इसके लिए श्रद्धालु आम के पेड़ की सूखी टहनियों को इकट्ठा करते दिख रहे हैं। इस दौरान बाजार में जलावन की मांग को देखते हुए विक्रेताओं ने भी इसकी व्यवस्था की है।
सूप दउरे की हो रही खरीद
बाजार में बांस के सूप और बहंगियों (दौरे) की बिक्री भी बढ़ गई है। मनौती आदि को लेकर कुछ व्रती पीतल के सूप भी खरीदते दिखे। हालांकि पीतल के सूप व प्रसाद के लिए अन्य बर्तनों की खरीदारी अधिकांशतः धनतेरस के दिन ही कर ली जाती है। बाजार में अलग अलग साइज का सूप और दौरा उपलब्ध है।

सब्जी और फल बाजार में रौनक, बढ़ी है आवक
महापर्व को लेकर सब्जी व फल बाजार में भी काफी रौनक है। पुराना आलू सौ रुपये में पांच किग्रा तो नया 50 रुपये प्रति किग्रा भाव में मिल रहा है। नहाय खाय के दिन लोग नए आलू की ही सब्जी बनाते हैं। अधिकांशतः हरी सब्जियों की कीमत 50 से 80 रुपये प्रति किग्रा मिल रही है। बता दें कि कार्तिक मास में अधिकतर परिवारों में लहसुन-प्याज आदि का उपयोग वर्जित हो जाता है। जबकि कुछ परिवार दिवाली से यह परहेज करते हैं। कुल मिलाकर माहौल भक्तिमय हो चुका है। छठ पूजा के गीतों के बीच खरीदारों की भीड़ से बाजार में रौनक है।

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