रोजगार / मनरेगा से बागवानी का लक्ष्य तय, लगेंगे 28 हजार पौधे

Target of horticulture set under MNREGA, 28 thousand saplings to be planted
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Target of horticulture set under MNREGA, 28 thousand saplings to be planted

  • पिछड़े तबकों, और विधवा महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का काम मनरेगा के माध्यम से एक साथ होगा

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

हरनौत. पर्यावरण संतुलन संतुलित रखने के साथ आर्थिक रूप से पिछड़े तबकों, वृद्ध, विकलांग और विधवा महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम मनरेगा से एक साथ होगा। इसके लिये प्रखंड में मनरेगा से 28 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य इस सत्र में रखा गया है। कार्यक्रम पदाधिकारी शिवनारायण लाल ने बताया कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन के कारण किसान ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोग परेशान हैं। आबादी के अनुपात में हरित क्षेत्र का आंकड़ा लगातार घटता जा रहा है।

लोग असमय गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। फसल में कीट-व्याधि का प्रकोप बढ़ गया है। लक्ष्य से सिर्फ हरियाली ही नहीं बढ़ेगी बल्कि इसके काम में वंचित वर्गों को प्राथमिकता देकर उनका आर्थिक पिछड़ेपन दूर करने की योजना है। उन्होंने बताया कि पौधरोपण दो श्रेणी सामाजिक वानिकी और दूसरा बागवानी के तहत किया जाना है। सामाजिक वानिकी योजना से सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण किया जाना है। इस कार्य में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सदस्य, दलित-महादलित, वृद्ध, विकलांग व विधवा महिला को प्राथमिकता दी जानी है।

सार्वजनिक स्थानों पर इमारती पौधे प्राथमिकता से लगेंगे। जबकि बागवानी योजना से निजी जमीन पर पौधारोपण होना है। इसमें साठ फीसदी फलदार व चालीस फीसदी इमारती पौधे लगाने की योजना है। निजी जमीन पर पौधारोपण कार्य को प्राथमिकता दी जानी है। पीओ ने बताया कि पौधारोपण से पांच वर्ष तक उसकी देखरेख का खर्च मनरेगा से की जाती है। प्रति यूनिट पटवन के लिये चापाकल गाड़ने का प्रावधान है। इसका खर्च वेंडर के माध्यम से दिया जाता है। इस दौरान पेड़ की संख्या भी बराबर होनी चाहिए। पेड़ की संख्या के अनुसार ही राशि देय होगी।

मनरेगा के कनीय अभियंता लाल बहादुर शास्त्री ने बताया कि पेड़ से मिलने वाले तीन एफ जनकल्याण का काम करेंगे। पहले एफ से फूड यानि फल के रूप में भोजन मिलता है। दूसरे एफ से फॉड्डर यानि चारा जो पशुओं के लिये उपयोगी होगा। तीसरे एफ से फ्युल यानि जलावन के रूप में ईंधन मिलेगा। इसके साथ सार्वजनिक स्थानों पर नियुक्त वन पोषक को मनरेगा से निर्धारित मजदूरी मिलेगी। यह लाभ निजी जमीन पर पौधरोपण में भी मिलेगा। पेड़ों पर जमीन धारक का मालिकाना हक होगा। 
खेत की मेड़ पर लगायें पौधे
उन्होंने बताया कि निजी अथवा सार्वजनिक जमीन पर यूनिट के हिसाब से पौधारोपण की योजना है। एक यूनिट में दो सौ पौधे होंगे। निजी जमीन पर बागवानी में साठ फीसदी फलदार पौधे होंगे। इन्हें कम से कम आठ-आठ फीट की दूरी पर लगाना है। इसमें चालीस फीसदी इमारती पौधों को खेतों की मेड़ पर घेराबंदी के रूप में लगाना उपयोगी होगा।

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