उदासीनता / चार वर्ष बाद भी नहीं मिली वार्ड समिति को पर्याप्त राशि, पंचायत में पड़े हैं लाखों रुपये

Ward committee did not get enough amount even after four years, lakhs of rupees are lying in panchayat
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Ward committee did not get enough amount even after four years, lakhs of rupees are lying in panchayat

  • मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से वार्ड स्तर पर नाली-गली व हर घर नल का जल के लिए राशि दी गई है

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

हरनौत. मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से वार्ड स्तर पर नाली-गली व हर घर नल का जल के लिए लाखों रुपये दिये गये हैं। प्रखंड के कई सक्रिय पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा प्राथमिकता से योजना बनाकर काम कराया गया लेकिन हरनौत बाजार पहुंचते ही योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही है। सबनहुआ के चार से पांच वार्डों में कहीं-भी नाली-गली व नल-जल का काम शुरू नहीं हुआ है। यह लापरवाही तब है जब  हर वर्ष छह से सात महीनों तक बाजार के कई मोहल्ले में  जलजमाव की स्थिति बनी रहती है।

स्थानीय लोगों की माने तो इससे पीने का पानी तक संक्रमित हो रहा है। बाजारवासियों में पेट और त्वचा रोगों की समस्या बढ़ रही है। वर्ष 2016 में हुए पंचायत चुनाव के बाद अब अगले चुनाव में एक वर्ष से भी कम समय बचा है। जबकि संबंधित वार्ड सदस्य मुंह छिपाते फिर रहे हैं। उनका कहना है कि वार्ड में विकास कार्यों के लिए मुखिया द्वारा समय पर पर्याप्त राशि वार्ड सदस्यों को हस्तांतरित नहीं की गई। जबकि नल-जल के लिए स्थल चिन्हित करने के बाद भी अब तक काम शुरू नहीं किया गया है। अफसर भी बाजार क्षेत्र की समस्याओं पर आंख मूंद लेते हैं।

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से नाली-गली व हर घर नल का जल योजना को हर गांव-टोला तक पहुंचाना है। इसके लिए वार्ड स्तर पर वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति बनाई गई है। जिसमें संबंधित वार्ड सदस्य अध्यक्ष होते हैं। जबकि वार्ड सभा कर कम से कम दसवीं उत्तीर्ण किसी  वार्ड निवासी को सचिव बनाया जाता है।

इसके बाद वार्ड के तमाम क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन कर वहां नाली-गली आदि का एस्टीमेट बनाया जाता है। यह काम पंचायत स्तर के टेक्निकल असिस्टेंट करते हैं। इसके बाद पंचायत के मुखिया को वार्ड स्तर योजना के एस्टिमेट की राशि का साठ फीसदी संबंधित वार्ड सदस्य के खाते पर हस्तांतरित करनी होती है। 
योजना की शुरुआत महादलित टोला से
जानकार बताते हैं कि वार्ड स्तर पर काम में पहले एससी-एसटी बहुल इलाकों में योजना को प्राथमिकता से पूरा करना है। इसके बाद अतिपिछड़ा बहुल वाले इलाकों को लेना है। बाजार में अंबेडकर नगर में महादलित टोला है। वहां नाली-गली और नल-जल का काम हुआ है। जबकि शेष इलाकों में अतिपिछड़ा की बहुलता है। इसके बाद भी अभी तक बाजार के लोग सुविधा से वंचित हैं। बरसात में घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। निकास के अभाव में कई मोहल्ले में पानी घरों में प्रवेश कर जाता है। पंचायत चुनाव में एक वर्ष से भी कम समय बचा है तो योजना की राशि के बंदरबांट की आशंका बढ़ गई है। 

वार्ड सदस्यों को भेजे गये दो-दो लाख
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक वार्ड सदस्य ने बताया कि दो दिन पहले हरनौत बाजार में जलजमाव की खबर दैनिक भास्कर में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। उसी रात संबंधित वार्ड सदस्यों के खाते पर दो-दो लाख रुपये भेजे गये थे। जबकि वार्ड अंतर्गत काम के लिए करीब 12 लाख रुपये मुखिया के खाते पर मिले हैं। योजना का एस्टिमेट करीब 14 लाख का बताया जाता है। इसका साठ फीसदी आठ लाख के करीब होता है। ऐसे में दो लाख रुपये में किस  तरह काम होगा, यह सोचने की बात है। 

इस संबंध में ग्राम पंचायत राज पदाधिकारी को छानबीन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -रवि कुमार, बीडीओ

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