सुनवाई:मूर्ति तस्करी के दोषी को तीन वर्ष की कैद मिली

हिलसाएक महीने पहले
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  • हिलसा व्यवहार न्यायलय ने ठहराया दोषी

स्थानीय व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी सिकंदर पासवान ने भगवान बुद्ध की मूर्ति की तस्करी के आरोप में एक आरोपी को 3 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। बताया जाता है कि चंडी थाना क्षेत्र के चिस्तीपुर गांव निवासी धर्मवीर कुमार अष्ट धातु से बने भगवान बुद्ध की मूर्ति का तस्करी कर रहा था। इस संबंध में सूचना मिलने के बाद दिनांक 31 अक्टूबर 2010 की शाम 7:30 बजे पुलिस ने धर्मवीर प्रसाद के घर से छापामारी करके चोरी की गई भगवान बुद्ध की अष्टधातु की मूर्ति बरामद की थी। इस संबंध में चंडी थाना कांड संख्या 241/ 2010 के आलोक में धर्मवीर कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मामले से संबंधित जीआर 1357/ 2010 में सुनवाई के दौरान प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी सिकंदर पासवान ने आरोपी को धारा 414 भादवि में 3 साल का सश्रम कारावास एवं ₹1000 का अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर 1 माह का अतिरिक्त सजा काटना होगा। इस मामले में अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी राजीव कुमार ने अभियोजन पक्ष की ओर से बहस किया।

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