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लापरवाही:कचरा प्रबंधन में फिसड्डी बना नगर पंचायत, अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भूमि अधिग्रहण की चल रही प्रक्रिया

जगदीशपुर17 दिन पहले
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  • नगर क्षेत्र में डंप किया जाता है गीला व सूखा कचरा, अभी तक नपं को उपलब्ध नहीं हो पायी है लैंडफिल की भूमि

नगर पंचायत, जगदीशपुर में कचरा प्रबंधन पूरी तरह फिसड्डी बना है। नगर क्षेत्र से प्रतिदिन निकलने वाले गीला व सूखा के कचरा का समुचित प्रबंधन को लेकर नगर पंचायत प्रशासन लापरवाह बना है। हालात यह है कि नगर से निकलने वाले कचरों को यत्र-तत्र जमा किया जा रहा है। इससे होने वाले गंदगी व बदबू से इलाके में संक्रमण की आशंका बनी रहती है।

नगर के कुल 18 वार्डों से हर दिन लगभग 10 क्विंटल कचरा निकलता है, जो विभिन्न जगहों पर यत्र-तत्र जमा किया जा रहा है। सफाई मद में प्रतिमाह 10 लाख रुपये भी खर्च किये जा रहे है। बावजूद इसके कचरा डम्पिंग के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। लिहाजा, नगर प्रशासन की उदासीनता के कारण सफाई कर्मी भी यत्र-तत्र कचरा जमा करने के लिए मजबूर है। लेकिन नगर प्रशासन के अब तक कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। निर्धारित स्थल

निर्धारित स्थल पर कचरा फेंकने पर स्थानीय लोगों के द्वारा किया जा चुका है विरोध
नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 18 स्थित पीरो-बिहिया नहर पुल के पास स्थित सरकारी भूमि पर पिछले कई वर्षों से नगर से इकट्ठे किए कचरे का डंपिंग किया जा रहा है। डंप किये जा रहे कचरे से निकलने वाले बदबू व गंदगी फैलने से आक्रोशित स्थानीय लोगों के द्वारा विरोध भी व्यक्त किया जा चुका है। लेकिन स्थानीय प्रशासनिक महकमे के द्वारा सरकारी भूमि होने का हवाला देकर कचरा डंप का कार्य आज भी अनवरत जारी है। जबकि बदबूदार कचरे से बीमारी फैलने की आशंका बनती जा रहीं है। आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है।

इतना ही नहीं इस रास्ते से आने जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। जबकि नियमानुसार संग्रहित किये जाने वाले कचरों को अगल-बगल आबादी वाले जगहों पर खुले में फेंके जाने पर रोक है। सफाई वाहन से भी खुले में कचरा ले जाने के साथ-साथ किसी नदी या किसी सड़क किनारे कचरा डंप करना भी नियम के विरुद्ध है। लेकिन जगदीशपुर में सारे नियमों को ताक पर रख कार्य किया जा रहा है।

कचरा प्रबंधन के शीघ्र उपाय के लिए जारी हैं निर्देश
ध्यान देने वाली बात यह है कि कचरा प्रबंधन के उचित तरीके से क्रियान्वयन को लेकर समय-समय पर नगर विकास विभाग की ओर से निर्देश दिए जाते रहे हैं। लेकिन नगर पंचायत जगदीशपुर में कचरा डम्पिंग के लिए कोई निश्चित जगह का चयन नहीं किया जा सका है। गौरतलब हो कि बीते 2 अप्रैल 2019 को नगर विकास व आवास विभाग के प्रधान सचिव द्वारा माननीय राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) द्वारा पारित आदेश के

आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली 2016 के क्रियान्वयन के तहत सैनिटरी लैंडफील विकसित करने के लिए सरकारी भूमि के अनुपलब्धता की स्थिति में रैयती भूमि अधिग्रहण करने संबंधित पत्र जारी कर जिलाधिकारी से सम्बंधित क्षेत्र के नगर निकायों में निर्धारित भूमि(सरकारी या रैयती)भूमि के अधिग्रहण संबंधी वस्तुस्थिति से अवगत कराने की मांग की गई थी। जिसमें 6 माह के समयसीमा के भीतर लैंडफील साइट विकसित करने का भी जिक्र था। साथ ही नगर पंचायत के लिए ढ़ाई एकड़ जमीन अधिग्रहित करना निर्धारित किया गया था।

डंपिग के लिए नहीं हो सकी है व्यवस्था

नगर पंचायत क्षेत्र में कचरा डंपिग को लेकर प्रदूषण विभाग के नियमों की अनदेखी की जा रही है। जिससे आमलोगों की परेशानी बढ़ी है। नगर पंचायत क्षेत्र में अब तक कचरा प्रबंधन का कार्य आरंभ नहीं हो सका है। कचरे को समुचित स्थल पर निपटाने की व्यवस्था भी नहीं है। हाल यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियम के विरुद्ध यहां नहर किनारे मुख्य सड़क के दोनों तरफ कचरे की डंपिग की जाती है।नगर पंचायत इस गंभीर समस्या के जल्द समाधान के लिए प्रयासरत है।

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