सिद्धू ने कहा-मेरा झगड़ा व्यक्ति विशेष से नहीं:कांग्रेस हाईकमान के सामने पेशी से एक दिन पहले बोले- सिस्टम का विरोध मुझे अच्छा लगता है, संघर्ष मेरा गहना

लुधियाना6 दिन पहले
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नवजोत सिंह सिद्दू - Dainik Bhaskar
नवजोत सिंह सिद्दू

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के नवजोत सिद्धू ने दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के सामने पेश होने से पहले कई मुद्दों पर खुलकर बोले। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर अपना स्टैंड क्लीयर करते नजर आए सिद्धू ने कहा कि उनका किसी व्यक्ति विशेष से झगड़ा नहीं है। उन्हें सिस्टम का विरोध करना अच्छा लगता है और संघर्ष ही उनका गहना है।

कांग्रेस हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को 14 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया है जहां पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश रावत और पार्टी के केंद्रीय नेता केसी वेणुगोपाल उनके मीटिंग करेंगे। कहा जा रहा है कि यह मीटिंग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन विस्तार को लेकर होगी। पिछले समय में सिद्धू की CM चरणजीत सिंह चन्नी और नई सरकार के साथ हुई खटपट का मुद्दा भी इस बैठक में उठने की उम्मीद है।

बुधवार को सोशल मीडिया पर सिद्धू ने अरविंद केजरीवाल की ओर से पंजाब में किए जा रहे वादों पर कहा कि केजरीवाल बड़े बड़े दावे कर रहे हैं मगर इसके लिए पॉलिसी कैसे बनेगी? इस पर बात नहीं करते। पंजाब के सिर कर्ज का पहाड़ है। पहले ही निशुल्क सुविधाएं नहीं दे पा रहे। पंजाब को इनकम की जरूरत है। पंजाब में एक लाख नौकरी नहीं दी जा सकी क्योंकि प्रदेश आत्म निर्भर नहीं रहा।

सिद्धू ने सरकारी तौर पर रेत फ्री किए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि फ्री नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो वह टिप्पर और ट्राॅली वालों को ही निशुल्क होगा। ये लोग आगे मनमाने रेट वसूलेंगे। इसलिए रेत का रेट प्रति ट्रॉली 1000 रुपए फिक्स होना चाहिए। सिद्धू ने कहा कि तेलंगाना जैसा प्रदेश रेत से 10 करोड़ रुपया कमाता था लेकिन जब वहां की सरकार ने सरकारी स्टोर बनाकर ऑनलाइन रेत बेचना शुरू किया तो महज तीन साल में 2400 करोड़ रुपए कमा लिए। पंजाब में यह कमाई इससे कई गुना ज्यादा हो सकती है क्योंकि प्रदेश में तीन-तीन दरिया हैं जबकि तेलंगाना के पास तो महज एक ही दरिया है।

सिद्धू ने कहा कि शराब फैक्ट्रियां भी सरकारी होनी चाहिए। इससे 60 से 70 हजार युवाओं को नौकरी मिलेगी। वर्ष 2002 में तमिलनाडू और पंजाब में शराब की इनकम एक जितनी थी मगर आज तमिलनाडू की आमदन 36 हजार करोड़ रुपए है और पंजाब की आमदन 3000 करोड़ रुपए। शराब पर वैट क्यों नहीं लग सकता? इससे कमाई करके लोगों के कर्ज क्यों माफ नहीं किया जा सकते? सिद्धू ने पंजाब में CM चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई वाली अपनी ही पार्टी की सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि नियत साफ हो मगर नीति साफ न हो तो कैसे काम चल सकता है? अगर पॉलिसी तकनीकी बिंदुओं में उलझ कर रह जाएगी तो कैसे काम चलेगा? विधानसभा चुनाव में महज साढ़े 4 महीने बचे हैं। ऐसे समय में लोगों को लॉलीपॉप दिए जा रहे हैं तो पिछले साढ़े चार साल में काम क्यों नहीं हुए?

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