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सतर्कता जरूरी:90% लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग भूले, कोरोना संक्रमण के खतरे को न्योता

जहानाबाद9 दिन पहले
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शहर में बिना मास्क लगाए खरीदारी करते लोग। - Dainik Bhaskar
शहर में बिना मास्क लगाए खरीदारी करते लोग।
  • लापरवाहियां ऐसे बढ़ रहीं मानो कोरोना बीते जमाने की बात, प्रशासन की कार्रवाई भी ढिली

जिले में काेराेना संक्रमण की रफ्तार फिलहाल भले ही थम गई है लेकिन जानकारों का मानना है कि तीसरी लहर को रोकने के लिए अभी कोरोना नियमों का पालन आगे भी बेहद जरूरी है। लेकिन लोग हैं कि अब मानने को तैयार ही नहीं है। प्रशासन ने छूट क्या दी कि लोग ऐसी लापरवाही बरत रहे हैं मानो काेरोना बीते जमाने की बात हो। कोरोना प्रोटोकॉल के प्रति लापरवाहियां लगातार बढ़ती दिख रही है। जानकार बार-बार लोगों को सावधान कर रहे हैं कि संक्रमण थमने से निश्चिंत होने के बजाए लगातार सावधानियां बरतनी होगी, नहीं तो हालात को यू टर्न लेते देर नहीं लगेगी।

पिछले अनुभव से यह साबित हो चुका है लेकिन अधिकांश लोग हैं कि खतरों को समझ ही नहीं रहे। बाहर निकलने वाले नब्बे प्रतिशत लोग अब मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व को फिर से भूलने लगे हैं। बाजार हो या सवारी गाड़ियां, सभी जगह बगैर मास्क वालों की संख्या बढने लगी है। वहीं पैसेंजर ट्रेनों में काफी यात्री वगैर मास्क के सफर करते मिल जाते हैं। फिलहाल जो स्थिति दिख रही है, उससे एक बार पुनः खतरे की घंटी बजती दिख रही है।

बाजारों से लेकर सार्वजनिक परिवहनों तक लोग नहीं रख रहे सुरक्षा का खयाल

आदत में लाए बदलाव, नहीं ताे बढ़ सकती है परेशानी

जानकारों का मानना है कि संक्रमण थमने के बावजूद लोग अपनी आदत में लोग बदलाव नहीं लाते है, तो संक्रमण का खतरा फिर मंड़राने लगेगा। दरअसल अनलॉक की वजह से प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस की सक्रियता भी अब पहले जैसे नहीं दिख रही जिससे लोगों में कार्रवाई का भय समाप्त होता दिख रहा है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि ऐसे हालात तीसरी लहर को आमंत्रण दे रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से समय -समय पर लोगों से सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। प्रशासन के दोबारा फिर से कोई विशेष अभियान नहीं शुरू हो सका है जिससे लोगों की बेफिक्री लगातार बढ़ रही है।

गिने-चुने लोग ही कर रहे मास्क का उपयोग
एक दिन बीच करके दुकानों काे खोलने के प्रशासनिक आदेश पर शायद ही अब कोई दुकानदार अमल कर रहा है। बाजार अब पूरी तरह से खुल गये हैं। बुधवार को बाजार में खरीददारी करने पहुंचे अधिकांश लोगों के चेहरे से मास्क नदारद दिखे। जो लगाए हुए थे उनमे से अधिकांश के नीचे मास्क लटके थे तो कई के मास्क पॉकेट में था। अधिकांश दुकानदार भी दुकानदारी के समय कमाई बढ़ाने के चक्कर में मास्क को भूल खतरा मोल ले रहे हैं और मास्क का प्रयोग करने में लापरवाही बरत रहे हैं। यही हाल यात्री बसो और ऑटो का है।

ऑटो चालक से लेकर सवारी भी मास्क नहीं लगा रहे हैं। उस पर चालक ऑटो में क्षमता से अधिक यात्री बैठा रहे हैं। बसों से लेकर ट्रेनों में भी मास्क के प्रति लोगों की लापरवाही स्पष्ट रूप से दिख रही है। सोशल डिस्टेसिंग का पालन भी कहीं नहीं हो रहा है। हालात बिगड़ने पर यह लापरवाही फिर से खतरनाक रूप ले सकता है। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। संक्रमण से बचाव को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।​​​​​​​
ट्रेनों व बसों में बढ़ रही भीड़,लोग दिख रहे लापरवाह
पटना-गया रेल रुट में चलने वाली ट्रेनों में हर दिन यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पैसेंजर ट्रेन में काफी भीड़ हो रही है। पटना- गया से प्रतिदिन हजारों की संख्या में दैनिक यात्री सफर करते हैं। सफर के दौरान डिब्बे में दस प्रतिशत लो भी मास्क के साथ सफर नहीं कर रहे हैं। वहीं भीड़ के कारण सोशल डिस्टेसिंग का पालन भी नहीं हो रहा है। इधर जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर रहे कई यात्रियों का कहना है कि पैसेंजर ट्रेन के परिचालन बढ़ाने से यात्रियों को भीड़ से राहत मिल जाएगी। साथ कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम हो जाएगा। हालांकि इस तरह की बातें बिल्कुल बेतुकी हैं। आगे कोरोना से बचना है तो लोगों को कोरोना नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक होकर टीका लगवाना होगा। बसों की हालत भी दिगर नहीं है। बसों में पूरी क्षमता से अधिक यात्रियों को ठूंसकर ढोया जा रहा है।

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