पढ़ाई शुरू:50% विद्यार्थियों के साथ 4 माह बाद 9वीं से 12वीं की पढ़ाई शुरू

जहानाबाद2 महीने पहले
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  • कई सरकारी स्कूलों में गायब मिले 25 शिक्षक, डीईओ ने काटा वेतन, पूछा स्पष्टीकरण

करोना काल में अप्रैल से बंद हुए स्कूलों में लगभग चार महीने से भी अधिक अवधि के बाद शनिवार से नवमी से बारहवीं तक के क्लास रूम के ताले खुलते हीं स्कूल परिसरों में रौनक लौट आई। चार माह बाद स्कूल पहुंचे छात्र दोस्तों से मिलकर खुशी जताई तथा अब पठन-पाठन ठीक से होने की बातें भी कहीं। चकाचक ड्रेस में पहुंचे बच्चे के विद्यालय पहुंचने पर पर सर पूरी तरह से गुलजार हो रहा था। निर्धारित समय पर सुबह में बच्चे स्कूल पहुंच गए थे। कई स्कूलों में मुख्य प्रवेश गेट पर ही बच्चों के तापमान की जांच व हाथों को सैनिटाइज करने के बाद ही प्रवेश दिया गया।

घंटी लगी तथा कक्षा मे पठन-पाठन हुआ। हालांकि शुरुआती दिन होने की वजह से कई स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम दिखी। खासकर अधिकांश सरकारी स्कूलों में उपस्थिति निराशाजनक दिखी। कक्षा में छात्रों के बैठने के दौरान सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखा जा रहा था। स्कूली बसों पर भी एक सीट पर एक ही छात्र बैठे थे। स्कूलों में पठन-पाठन शुरू करने के लिए सरकारी स्तर पर जारी गाइडलाइन का विद्यालय प्रशासक पालन कराने का दावा किया। निजी स्कूल के प्रशासकों ने सरकारी दिशा निर्देश के अनुरूप पूरा स्कूल भवन को सेनीटाइज कराने की बात बताई जबकि सरकारी विद्यालय के प्राचार्य स्कूल भवन सेनेटाइज कराने के लिए आवंटन के अभाव का भी रोना रोते हुए इस दिशा में कोई खास पहल नहीं की।

पहले दिन अपेक्षा से कम रही उपस्थिति, पीपी पब्लिक स्कूल में फूलाें की बारिश कर बच्चों का किया गया स्वागत

पीपी पब्लिक स्कूल में बच्चों को फूलों की बर्षा कर किया गया स्वागत
गाइडलाइन का पालन कराने में निजी विद्यालय के प्रशासक ज्यादा जवाबदेही निभाते दिखे। शहर के एरोड्रम स्थित प्रतिभा पल्लवन पब्लिक स्कूल में छात्रों को मेन गेट पर ही टेंपरेचर मापक यंत्र से जांच की जा रही थी। हाथों को सैनिटाइज कराकर मास्क लगाकर आने वाले बच्चों को ही एंट्रेंस की इजाजत थी। विद्यालय में प्रवेश करते हि छात्रों पर पुष्पं पंखुड़ी छिड़ककर स्वागत किया गया तथा कुशलक्षेम पूछ शिक्षकों ने छात्रों की पीठ थपथपाई। मौके पर पी पी एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ अभिराम सिंह ने बताया कि बच्चे देश के भावी भविष्य हैं। इनकी हौसला अफजाई पुष्प वर्षा कर की गई है। उन्होंने छात्रों को मानसिक व शारीरिक विकास के लिए खूब पढ़ने के साथ खेलकूद मे भी भाग लेने की सीख दी।

सोशल डिस्टेंस का किया गया पाल, मास्क भी था अनिवार्य
विद्यालय प्रशासक ने बताया कि शुरुआती दिन नवम एवं दशम वर्ग मिलाकर करीब दो सौ छात्र छात्रा उपस्थित हुए। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कक्षा में एक बेंच पर एक छात्र के बैठने की व्यवस्था की गई । इसी प्रकार मानस इंटरनेशनल, मानस विद्यालय बभना, पीपीएम स्कूल,डीएवी स्कूल समेत कई अन्य विद्यालयों में भी स्कूल खुलने से रौनक लौटी है। केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य सीबी कुमार ने शनिवार को दर्जनभर छात्र आने की सूचना दी है। जबकि डीएवी स्कूल प्रशासक ने सोमवार से स्कूल खोले जाने की बात कही है।

ड्यूटी से गायब 38 में से 13 शिक्षकों का था आवेदन
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों एवं छात्रों के उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वरीय पदाधिकारियों से मिले निर्देश के बाद शनिवार को स्कूल खुलते ही जिले में दर्जनभर स्कूलों का निरीक्षण किया गया। डीईओ रोशना आरा ने बताया कि शनिवार को कई स्कूलों का निरीक्षण बीपीओ एवं बीईओ द्वारा किया गया है निरीक्षण में 38 शिक्षक गायब पाए गए जिसमें 13 शिक्षक का आवेदन उपलब्ध था जबकि 25 शिक्षक बिना आवेदन के हि गायब पाए गए हैं। शिक्षकों का एक दिन का वेतन काट कर स्पष्टीकरण पूछा गया है। उन्होंने बताया कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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