कार्रवाई:मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं देने पर हाेगी कार्रवाई

जहानाबादएक महीने पहले
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ठेका पर काम करने वाले मजदूरों को अगर ठेकेदारों ने न्यूनतम मजदूरी नहीं दी तो सरकार अब कठोर कार्रवाई करेगी। शिकायत मिलने पर जांच होगी और सही पाई गई तो ठेकेदारों की बैंक में जमा राशि से मजदूरी काट ली जाएगी। श्रम संसाधन विभाग ने इस नियम का कठोरता से अनुपालन करने का निर्णय लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार विभाग ने कहा है कि अगर ठेकेदार ठेका कामगार को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने में असफल होगा तो शिकायत मिलने पर श्रमायुक्त इसकी जांच करवाएंगे।

ठेकेदारों की ओर से जमा की गई बैंक गारंटी से कामगारों का भुगतान करवाया जाएगा। ठेकेदारों की जमा राशि नियम 49 के तहत सुरक्षा डिपॉजिट के रूप में जमा किया जाएगा। नियमानुसार ठेकेदारों को प्रति कामगार 1000 रुपए की दर से बैंक गारंटी जमा करनी होगी। कामगारों से ठेका पर काम कराने के लिए ठेकेदारों को पांच साल के लिए लाइसेंस मिलेगा जो अहस्तांतरणीय होगा। एक दिन में ठेकेदार कितने आदमी से काम करा सकते हैं, इसकी संख्या तय होगी। इससे अधिक कामगारों से वे काम नहीं करा सकेंगे। ठेका पर काम करने वाले मजदूरों के काम के घंटे, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य दशा के लिए भी नियम बनाया गया है। संहिता 2020 की धारा 25 का नियम इस पर लागू होगा। मजदूरी या वेतन का भुगतान मजदूरी संहिता 2019 के अनुसार होगा।

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